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Budaun News: सड़कों पर मक्का सुखाने के खिलाफ पुलिस का अभियान, चार किसान पकड़े
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बरेली- मथुरा हाईवे पर फैली मक्का के बराबर वाली लेन से निकलती रोडवेज बस। संवाद
- फोटो : धर्मेंद्र त्यागी
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कादरचौक/उझानी। सड़कों पर मक्का सुखाने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर पुलिस ने बृहस्पतिवार को अभियान चलाया। सड़क पर मक्का फैलाकर सुखा रहे चार किसानों को पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में उन्हें सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में किसानों ने सड़कों से मक्का हटाना शुरू कर दिया।
जिले के कादरचौक के अलावा बिल्सी, उझानी, बिनावर आदि ग्रामीण इलाकों में किसान मक्का की फसल को सड़क पर फैलाकर सुखा रहे हैं। इससे सड़कें संकरी हो जा रही हैं और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार दोपहिया वाहन फिसलने और बड़े हादसे होने की आशंका बनी रहती है। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मुख्य मार्गों और संपर्क मार्गों पर बड़ी मात्रा में मक्का डाली जा रही है। हाल ही में कछला क्षेत्र में सड़क पर फैली मक्का की वजह से हुए भीषण हादसे में छह महिलाओं की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने सड़कों पर फसल सुखाने के मामलों को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। अभियान के दौरान पुलिस ने किसानों को समझाया कि सड़क पर मक्का सुखाने से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। किसानों से फसल को खेत, खलिहान या निजी स्थानों पर सुखाने की अपील की गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद कई किसानों ने सड़कों से मक्का हटाने का काम शुरू कर दिया।
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हालांकि जिस बरेली-मथुरा हाईवे पर हादसा हुआ, उस पर बृहस्पतिवार को भी कई जगहों पर मक्का फैली हुई नजर आई। यहां एनएचएआई के कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों का भीषण हादसे के बाद भी ध्यान नहीं गया। वाहनों का आवागमन भी उसके आसपास दिखाई दिया। इससे फिर हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
इधर सीओ उझानी सुनील कुमार ने बताया कि चेतावनी के बाद भी यदि कोई सड़क पर मक्का या अन्य फसल सुखाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिन चार लोगों को पकड़ा, उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया। संवाद
जिले के कादरचौक के अलावा बिल्सी, उझानी, बिनावर आदि ग्रामीण इलाकों में किसान मक्का की फसल को सड़क पर फैलाकर सुखा रहे हैं। इससे सड़कें संकरी हो जा रही हैं और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार दोपहिया वाहन फिसलने और बड़े हादसे होने की आशंका बनी रहती है। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मुख्य मार्गों और संपर्क मार्गों पर बड़ी मात्रा में मक्का डाली जा रही है। हाल ही में कछला क्षेत्र में सड़क पर फैली मक्का की वजह से हुए भीषण हादसे में छह महिलाओं की मौत हो गई थी।
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इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने सड़कों पर फसल सुखाने के मामलों को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। अभियान के दौरान पुलिस ने किसानों को समझाया कि सड़क पर मक्का सुखाने से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। किसानों से फसल को खेत, खलिहान या निजी स्थानों पर सुखाने की अपील की गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद कई किसानों ने सड़कों से मक्का हटाने का काम शुरू कर दिया।
हालांकि जिस बरेली-मथुरा हाईवे पर हादसा हुआ, उस पर बृहस्पतिवार को भी कई जगहों पर मक्का फैली हुई नजर आई। यहां एनएचएआई के कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों का भीषण हादसे के बाद भी ध्यान नहीं गया। वाहनों का आवागमन भी उसके आसपास दिखाई दिया। इससे फिर हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
इधर सीओ उझानी सुनील कुमार ने बताया कि चेतावनी के बाद भी यदि कोई सड़क पर मक्का या अन्य फसल सुखाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिन चार लोगों को पकड़ा, उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया। संवाद

बरेली- मथुरा हाईवे पर फैली मक्का के बराबर वाली लेन से निकलती रोडवेज बस। संवाद- फोटो : धर्मेंद्र त्यागी