पुलिस की पाठशाला: एसपी ग्रामीण ने विद्यार्थियों को बताए साइबर ठगी से बचाव के तरीके, सतर्क रहने की दी सलाह
अनजान नंबर से आने वाले कॉल या लिंक पर क्लिक न करें। किसी को भी अपना ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें और न ही एपीके फाइल डाउनलोड करें। सजगता और सतर्कता से साइबर अपराध से बच सकते हैं। यह बातें पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण हृदेश कठेरिया ने विद्यार्थियों से कहीं।
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बदायूं में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय डिग्री कॉलेज में बुधवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया ने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया और सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल भुगतान और मोबाइल एप के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़े हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को फर्जी कॉल, लिंक और मैसेज से बचने की सलाह दी। कहा कि अनजान नंबर से आने वाले कॉल या लिंक पर क्लिक न करें। किसी को भी अपना ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें।
उन्होंने बताया कि केवाईसी अपडेट, लॉटरी लगने, नौकरी दिलाने और ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी की जाती है। कई बार साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी से करने की जरूरत है। साइबर ठग एपीके फाइल भेजकर भी ठगी कर रहे हैं। इस फाइल को डाउनलोड न करें, अन्यथा फोन हैक हो सकता है।
इस नंबर पर करें साइबर अपराध की शिकायत
कार्यक्रम में सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। समय पर शिकायत करने से धनराशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
यातायात प्रभारी आरएल राजपूत ने युवाओं को वाहनों को चलाने में सावधानी बरतने की बात कही। कहा कि सभी को यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता, डॉ. राकेश जायसवाल, डॉ. सारिका शर्मा आदि मौजूद रहे।
