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टीईटी : परीक्षा देते एक मुन्नाभाई पकड़ा तो दूसरे का आधार कार्ड निकला फर्जी, रिपोर्ट
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बदायूं। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में नकल और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए लागू की गई आधार वेरिफिकेशन व्यवस्था ने दो मुन्ना भाइयों का भंड़ाफोड़ कर दिया। बृहस्पतिवार को दो अलग-अलग केंद्रों पर प्रथम और द्वितीय पाली में परीक्षा देने पहुंचे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। ई-केवाईसी में एक युवक का आधार कार्ड फर्जी निकला। वहीं दूसरा युवक किसी अन्य के बदले परीक्षा देते पकड़ा गया। दोनों एटा जिले के निवासी हैं। देर रात कोतवाली और सिविल लाइन थाने में दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
शहर के राजाराम महिला इंटर कॉलेज में प्रथम पाली की परीक्षा में एटा के ककरावली निवासी विवेक कुमार परीक्षा देने पहुंचा था। जांच के बाद वह परीक्षा देने के लिए बैठ गया। पूर्वाह्न 11:45 बजे पर आयोग की ओर से केंद्र व्यवस्थापक को कॉल आई कि विवेक संदिग्ध अभ्यर्थी है। केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी।
परीक्षा दे रहे एटा जनपद के गांव ककरावली निवासी विवेक कुमार पुत्र लटूरी सिंह की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए। केंद्र व्यवस्थापक व स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने ई-केवाईसी कराई। इसमें अभ्यर्थी का नाम विनय राज पुत्र लटूरी सिंह निकला है। नाम के साथ जन्मतिथि में भी अंतर मिला। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल पुलिस बुला ली।
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पूछताछ के बाद विवेक के दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें आधार कार्ड भी फर्जी निकला। देर रात दर्ज हुई रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर परीक्षा देना पाया गया था। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दूसरा मामला जीजीआईसी केंद्र का है। द्वितीय पाली की परीक्षा में एटा जनपद के नगला जवाहरी शेवरई निवासी अमन कुमार पुत्र ग्यादीन सिंह परीक्षा दे रहा था। शाम चार बजे आयोग से कॉल आई, जिसमें अमन को संदिग्ध बताया गया। आयोग ने अमन की केवाईसी कराने के निर्देश दिए। जब ई-केवाईसी कराई गई तो परीक्षा देने वाले का नाम सोनवीर पुत्र दर्शन सिंह निवासी नगला लेखराज थाना अराव जिला फिरोजाबाद निकला। इसके बाद पुलिस ने सोनवीर सिंह को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। जिसमें वह फर्जी तरीके से परीक्षा देते पाया गया।
सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। परीक्षा अधिकारियों का कहना है कि आधार आधारित पहचान सत्यापन के कारण फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान संभव हो सकी।
प्रशासन रात तक छुपाता रहा फर्जी अभ्यर्थियों को पकड़ने का मामला
बदायूं। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के पहली पाली और दूसरी पाली में एक-एक फर्जी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने का मामला प्रशासन दोपहर से रात तक छुपाता रहा। पूछने पर भी अधिकारी यही कहते रहे कि अभ्यर्थियों के पकड़े जाने का मामला उनकी जानकारी में नहीं हैं, जबकि आयोग से सूचना मिलने के बाद से मामला प्रशासन के संज्ञान में आ गया था। इस संबंध में परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम प्रशासन अरुण कुमार से पूछा गया तो उन्होंने अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से अनभिज्ञता जताई। बाद में कह दिया कि इस प्रकरण में आयोग के स्तर से ही जानकारी मिल पाएगी। संवाद
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शहर के राजाराम महिला इंटर कॉलेज में प्रथम पाली की परीक्षा में एटा के ककरावली निवासी विवेक कुमार परीक्षा देने पहुंचा था। जांच के बाद वह परीक्षा देने के लिए बैठ गया। पूर्वाह्न 11:45 बजे पर आयोग की ओर से केंद्र व्यवस्थापक को कॉल आई कि विवेक संदिग्ध अभ्यर्थी है। केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी।
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परीक्षा दे रहे एटा जनपद के गांव ककरावली निवासी विवेक कुमार पुत्र लटूरी सिंह की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए। केंद्र व्यवस्थापक व स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने ई-केवाईसी कराई। इसमें अभ्यर्थी का नाम विनय राज पुत्र लटूरी सिंह निकला है। नाम के साथ जन्मतिथि में भी अंतर मिला। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल पुलिस बुला ली।
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पूछताछ के बाद विवेक के दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें आधार कार्ड भी फर्जी निकला। देर रात दर्ज हुई रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर परीक्षा देना पाया गया था। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दूसरा मामला जीजीआईसी केंद्र का है। द्वितीय पाली की परीक्षा में एटा जनपद के नगला जवाहरी शेवरई निवासी अमन कुमार पुत्र ग्यादीन सिंह परीक्षा दे रहा था। शाम चार बजे आयोग से कॉल आई, जिसमें अमन को संदिग्ध बताया गया। आयोग ने अमन की केवाईसी कराने के निर्देश दिए। जब ई-केवाईसी कराई गई तो परीक्षा देने वाले का नाम सोनवीर पुत्र दर्शन सिंह निवासी नगला लेखराज थाना अराव जिला फिरोजाबाद निकला। इसके बाद पुलिस ने सोनवीर सिंह को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। जिसमें वह फर्जी तरीके से परीक्षा देते पाया गया।
सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। परीक्षा अधिकारियों का कहना है कि आधार आधारित पहचान सत्यापन के कारण फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान संभव हो सकी।
प्रशासन रात तक छुपाता रहा फर्जी अभ्यर्थियों को पकड़ने का मामला
बदायूं। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के पहली पाली और दूसरी पाली में एक-एक फर्जी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने का मामला प्रशासन दोपहर से रात तक छुपाता रहा। पूछने पर भी अधिकारी यही कहते रहे कि अभ्यर्थियों के पकड़े जाने का मामला उनकी जानकारी में नहीं हैं, जबकि आयोग से सूचना मिलने के बाद से मामला प्रशासन के संज्ञान में आ गया था। इस संबंध में परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम प्रशासन अरुण कुमार से पूछा गया तो उन्होंने अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से अनभिज्ञता जताई। बाद में कह दिया कि इस प्रकरण में आयोग के स्तर से ही जानकारी मिल पाएगी। संवाद