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Budaun News: रास नहीं आ रही प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
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बदायूं। जनपद में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में लोग ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे। योजना में प्रतिमाह अंशदान करने वाले छोटे व्यापारी, स्वरोजगार और असंगठित श्रमिकों के लिए 60 साल की उम्र के बाद तीन हजार रुपये की मासिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। लोगों को जागरूक करने लिए श्रम विभाग की ओर से जिले में दो चरणों में पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना 2019 में शुरू हुई थी। तब से इस वित्तीय वर्ष तक जिले में 7015 पंजीकरण कराए गए हैं। पूर्व में लोगों को यह योजना अच्छी लगी, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की इस योजना में रुचि कम होने लगी। इसके बाद जिले में लोगों ने अपने बैंक खाते तक बंद करा दिए। अधिकांश श्रमिक श्रम विभाग में पहुंचकर अपना पंजीकरण तक रद्द करवा चुके हैं।
विभागीय कर्मचारियों के अनुसार लोग इस योजना में रुचि कम दिखा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस योजना में हमारे कटने वाले अंशदान का कोई रिकॉर्ड तक मेंटेन नहीं है। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण लोग इस योजना से अपना हाथ पीछे खींच रहे हैंं। लोगों को जागरूक करने लिए श्रम विभाग की ओर से जिले में दो चरणों में पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रथम चरण 15 जनवरी से 16 फरवरी और द्वितीय चरण 16 फरवरी से 15 मार्च तक चलेगा। इस वित्तीय वर्ष में योजना में 99 पंजीकरण किए जा चुके हैं।
यह ले सकते हैं इस योजना का लाभ
इस योजना का उद़्देश्य उन मजदूरोेंं, रेहड़ी पटरी वालों, घरेलू कामागारों, रिक्शा चालकों और दिहाड़ी श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है जिनके लिए भविष्य में कोई आय का साधन नहीं है। इसमें 18 से 40 वर्ष तक की आयु के असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिक लाभ उठा सकते हैं। आवेदन करने वाले की मासिक आय 15 हजार से कम होनी चाहिए। जिस उम्र में आवेदन करते हैं उसी के अनुसार 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का अनुदान मासिक स्कीम में जमा करना होता है। 60 साल की उम्र के बाद 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। पेंशन धारक की मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को 50 प्रतिशत पेंशन दी जाएगी। इससे परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती रहेगी।
इन्हें नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस), कर्मचारी राज्य बीमा निगम के माध्यम से पेंशन पानी वालों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इस योजना में लोग कम पंजीकरण करा रहे हैं, इसके लिए विभाग की ओर लोगों को जागरूक कर दो चरणों में अभियान चलाकर पंजीकरण कराए जाएंगे। -श्वेता गर्ग, सहायक श्रमायुक्त
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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना 2019 में शुरू हुई थी। तब से इस वित्तीय वर्ष तक जिले में 7015 पंजीकरण कराए गए हैं। पूर्व में लोगों को यह योजना अच्छी लगी, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की इस योजना में रुचि कम होने लगी। इसके बाद जिले में लोगों ने अपने बैंक खाते तक बंद करा दिए। अधिकांश श्रमिक श्रम विभाग में पहुंचकर अपना पंजीकरण तक रद्द करवा चुके हैं।
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विभागीय कर्मचारियों के अनुसार लोग इस योजना में रुचि कम दिखा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस योजना में हमारे कटने वाले अंशदान का कोई रिकॉर्ड तक मेंटेन नहीं है। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण लोग इस योजना से अपना हाथ पीछे खींच रहे हैंं। लोगों को जागरूक करने लिए श्रम विभाग की ओर से जिले में दो चरणों में पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रथम चरण 15 जनवरी से 16 फरवरी और द्वितीय चरण 16 फरवरी से 15 मार्च तक चलेगा। इस वित्तीय वर्ष में योजना में 99 पंजीकरण किए जा चुके हैं।
यह ले सकते हैं इस योजना का लाभ
इस योजना का उद़्देश्य उन मजदूरोेंं, रेहड़ी पटरी वालों, घरेलू कामागारों, रिक्शा चालकों और दिहाड़ी श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है जिनके लिए भविष्य में कोई आय का साधन नहीं है। इसमें 18 से 40 वर्ष तक की आयु के असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिक लाभ उठा सकते हैं। आवेदन करने वाले की मासिक आय 15 हजार से कम होनी चाहिए। जिस उम्र में आवेदन करते हैं उसी के अनुसार 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का अनुदान मासिक स्कीम में जमा करना होता है। 60 साल की उम्र के बाद 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। पेंशन धारक की मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को 50 प्रतिशत पेंशन दी जाएगी। इससे परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती रहेगी।
इन्हें नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस), कर्मचारी राज्य बीमा निगम के माध्यम से पेंशन पानी वालों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इस योजना में लोग कम पंजीकरण करा रहे हैं, इसके लिए विभाग की ओर लोगों को जागरूक कर दो चरणों में अभियान चलाकर पंजीकरण कराए जाएंगे। -श्वेता गर्ग, सहायक श्रमायुक्त
