बदायूं में बड़ा हादसा: मंदिर परिसर में पूजा के दौरान पीपल की डाल गिरी, दो महिलाओं की मौत, तीन घायल
बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ललेई गांव में बुधवार को पूजा के दौरान पीपल की डाल गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गईं। यह घटना गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित पूजा के दौरान हुई।
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बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव ललेई में बुधवार को ग्राम देव की पूजा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पूजन के दौरान पीपल की डाल टूटकर महिलाओं के ऊपर गिर गई। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई। तीन महिलाएं घायल हुई हैं। इनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक गांव ललेई में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महिलाएं बुधवार दोपहर ग्राम देव की पूजा कर रही थीं। पूजा के दौरान पीपल की बड़ी डाल टूटकर महिलाओं के ऊपर गिर गई। इससे महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। महिला ऊषा (40 वर्ष) पत्नी रामौतार की मौके पर ही मौत हो गई।
बाकी घायल महिलाओं को आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर जाया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने अमीर बानो (45 वर्ष) पत्नी तसब्बर को मृत घोषित कर दिया। बताते हैं कि अमीर बानो पूजा देखने के लिए खड़ी थीं। जिला अस्पताल में घायल हरदेदी, श्यामा देवी और रामलली का इलाज किया जा रहा है।
बंदरों के उछल-कूद से टूटी डाल
कुंवरगांव के थानाध्यक्ष राजेश कौशिक ने बताया कि बुधवार दोपहर बाद करीब 3.15 बजे पीआरवी 6625 के माध्यम से सूचना मिली कि ग्राम ललेई स्थित गमा देवी मंदिर परिसर में खडे़ पीपल पेड़ के नीचे हवन कीर्तन हो रहा था। पीपल की डाल पर बंदर उछल-कूद कर रहे थे, जिससे डाल टूटकर गिर गई। जिसके नीचे दबने से ऊषा देवी और अमीर बानो की मौत हो गई।
भजन-कीर्तन कर रही थीं 20-25 महिलाएं
पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर मौजूद महिलाओं के एकत्रित होने की जानकारी की गई तो मालूम हुआ कि गमा देवी मंदिर पर प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा को हवन कराया जाता है। पूजन होता है। बुधवार को भी भजन-कीर्तन हो रहा था। करीब 20-25 महिलाएं ढोलक, मजीरा बजाकर कीर्तन कर रही थीं।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि जो डाल टूटकर गिरी, वह सूखी हुई थी। एक साल पहले इसी डाल को रस्सी बांधकर ट्रैक्टर से खींचा गया था लेकिन ये टूटी नहीं, इसलिए इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया था। एक वर्ष से डाल ऐसे ही थी। इस बार कई बार आंधी आई लेकिन इसे कोई नुकसान नहीं हुआ। बुधवार को बंदरों के उछल-कूद से डाल टूटकर गिर गई।