Budaun News: कलक्ट्रेट परिसर में वकीलों के दो गुटों में खूनी संघर्ष, एक अधिवक्ता का सिर फटा
बदायूं में सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं के दो गुटों में पुराने विवाद को लेकर मारपीट हुई। मारपीट में एक अधिवक्ता का सिर फट गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने का आरोप लगाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बदायूं में अधिवक्ताओं के दो गुटों के बीच पुराने विवाद को लेकर सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर में फिर झगड़ा हो गया। आमने-सामने आने पर कहासुनी होने लगी। इसके बाद मारपीट शुरू हो गई। एक तरफ से डंडे चले तो दूसरी तरफ से बेल्ट। इस दौरान एक अधिवक्ता का सिर फट गया और वह खून से लथपथ हो गया। कलक्ट्रेट परिसर में डीएम कक्ष के पास हुए खूनी संघर्ष से काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
जिस वक्ता वकीलों में मारपीट हुई, उस दौरान डीएम अटल सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मीटिंग कर रहे थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को जिला अस्पताल भेजा। जहां दोनों वकीलों और उनके साथ के लोगों का मेडिकल कराया गया। इधर, घायल अधिवक्ता फहीम ने बताया कि उसका और दूसरे पक्ष अधिवक्ता मुसर्रत बानो से लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप लगाया है कि वह कलक्ट्रेट परिसर में किसी काम से गया तो वहां महिला अधिवक्ता के पति शबाउद्दीन के साथ कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर उसके चैंबर में आ गए। गाली-गालौज करते हुए मारपीट की। उनके पास कोई धारदार हथियार भी था। उसके सिर में मार दिया। जिससे उसके सिर में काफी चोटें आई और काफी खून बह गया।
वीडियो बनाने पर शुरू हुआ था विवाद
महिला अधिवक्ता मुसर्रत बानो का कहना है कि वह अपने पति शबाउद्दीन के साथ दोपहर डीएम कार्यालय जा रहे थे। इस दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र के जालंधरी सराय के निवासी अधिवक्ता फहीम और नसीम उनकी वीडियो बनाने लगा। वीडियो का विरोध करने पर मेरे पति के साथ गाली-गलौज करने लगा। पति ने गाली-गलौज करने को मना किया। इसके बाद फहीम ने लाठी डंडों से मारना शुरू कर दिया। जिससे उसके पति शबाउद्दीन को गंभीर चोटें आई है। सारी घटना सीसी कैमरे फुटेज में कैद हो गई। उन्होंने पुलिस से तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि अभी दोनों पक्षों में किसी पक्ष से तहरीर प्राप्त नहीं हुई। प्राप्त होने पर जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।