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Budaun News: हमारी आंखें खुली तो हमारे घर के सब बालक चले गए, कोई नहीं बचा
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बदायूं। हम उसी (ई-कार्ट) में बैठे थे, भात मांगने जा रहे थे गठौना। वहां कुछ लोग दूसरे रोड पर मक्का सुखा रहे थे। वे कह रहे थे कि उझानी से मक्का डालकर ट्रैक्टर आ रहे हैं और आपस में बहसबाजी कर रहे हैं। तभी हमें नजर आए उन दोनों ट्रैक्टरों में से कभी कोई आगे तो कभी कोई पीछे होता दिखाई दिया। यह देखते-देखते एक ट्रैक्टर ने ई-कार्ट को चपेट में ले लिया, तभी पिछले ट्रैक्टर की ट्रॉली का जुट्टा हमारे घर की बहुओं पर चढ़ गया। बस फिर क्या, सब सड़क पर फैल गए। हमें उठाया तो देखा कि सब इधर-उधर पड़े हैं। एक तरफ ई-कार्ट पड़ा था, हमारी आंखें खुलीं तो हमारे घर के सब बालक चले गए, कोई नहीं बचा।
बुधवार को हुए भीषण हादसे की आपबीती डालचंद्र ने आंखों में आंसू लिए बयां की। जिंदगी भर का साथ निभाने वाली पत्नी के साथ बेटी और दो बहुओं को भीषण हादसे में खोने के बाद मुरावन नगला के डालचंद्र गम में डूबे हुए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज होने के बाद वह बृहस्पतिवार को अपने घर पहुंचे।
हादसे के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि बेटे कुमरपाल की शादी की तैयारियों के साथ गठौना स्थित ससुराल में भात मांगने की रस्म निभाने के लिए वह पत्नी, बेटी, दो बहुओं, परिवार की बुजुर्ग महिलाओं के साथ बुधवार सुबह 10: 30 बजे घर से ई-कार्ट से निकले थे। सभी महिलाएं ई-कोर्ट में ढोलक की थाप व मजीरा बताते हुए मंगलगीत गाते हुए जा रही थीं। शाम तक वापस भी आना था, इसीलिए टाइम से निकले थे। उनके पांचवें नंबर के बेटे राजू की पत्नी ने 10 दिन पूर्व बेटे को जन्म दिया, शुक्रवार को नामकरण होना था। उसके लिए बृहस्पतिवार को तैयारी करनी थी। शाम तक भात मांगने की रस्म निभाकर वापस घर आकर नामकरण की तैयारी करनी थीं। 21 तारीख को कुमरपाल के हल्दी चढ़ाने का कार्यक्रम भी तय था।
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डालचंद्र के मुताबिक बरेली-मथुरा हाईवे पर फूलपुर गांव के पास पहुंचे, वह ई-कार्ट में चालक के बराबर आगे सीट पर बैठे हुए थे। तभी देखा कि सामने से दो ट्रैक्टर फिल्मी अंदाज में एक दूसरे को आगे पीछे करते आ रहे हैं। जब ई-कार्ट ट्रैक्टरों के नजदीक पहुंचा तो पहले वाले ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मारी थी।
शादी कार्यक्रम पर संदेह, डालचंद्र बोले- रिश्तेदारों से करेंगे बात
उझानी। हादसे के बाद कुमरपाल की शादी होेने पर दूसरे दिन भी संदेह बना रहा। शादी तय तारीख पर ही होगी या फिर बाद में... इसको लेकर लोगों के मन में तमाम तरह के विचार उठ रहे हैं। वहीं डालचंद्र के मुताबिक रिश्तेदारों से बात कर सबकुछ साफ कर दिया जाएगा। डालचंद्र के सबसे छोटे बेटे कुमरपाल की शादी 29 जून को तय है। शादी की रस्मों की शुरूआत में परिवार की महिलाएं बुधवार को घर से ई- कार्ट में सवार होकर भात मांगने के लिए गठौना गांव की ओर निकली थीं, तभी रास्ते में दो ट्रैक्टरों की रेस ने परिवार को उजाड़ दिया। वहीं, डालचंद्र बोले- इसमें उनकी होने वाली बहू का क्या दोष है। ईश्वर को जो मंजूर था, वही हो गया। रही बात तय समय बेटे की शादी की तो रिश्तेदारों से बात कर लेंगे। जैसा सभी कहेंगे, वैसा ही किया जाएगा। अभी तो वह दाह संस्कार करके निपट पाए हैं। संवाद
बुधवार को हुए भीषण हादसे की आपबीती डालचंद्र ने आंखों में आंसू लिए बयां की। जिंदगी भर का साथ निभाने वाली पत्नी के साथ बेटी और दो बहुओं को भीषण हादसे में खोने के बाद मुरावन नगला के डालचंद्र गम में डूबे हुए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज होने के बाद वह बृहस्पतिवार को अपने घर पहुंचे।
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हादसे के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि बेटे कुमरपाल की शादी की तैयारियों के साथ गठौना स्थित ससुराल में भात मांगने की रस्म निभाने के लिए वह पत्नी, बेटी, दो बहुओं, परिवार की बुजुर्ग महिलाओं के साथ बुधवार सुबह 10: 30 बजे घर से ई-कार्ट से निकले थे। सभी महिलाएं ई-कोर्ट में ढोलक की थाप व मजीरा बताते हुए मंगलगीत गाते हुए जा रही थीं। शाम तक वापस भी आना था, इसीलिए टाइम से निकले थे। उनके पांचवें नंबर के बेटे राजू की पत्नी ने 10 दिन पूर्व बेटे को जन्म दिया, शुक्रवार को नामकरण होना था। उसके लिए बृहस्पतिवार को तैयारी करनी थी। शाम तक भात मांगने की रस्म निभाकर वापस घर आकर नामकरण की तैयारी करनी थीं। 21 तारीख को कुमरपाल के हल्दी चढ़ाने का कार्यक्रम भी तय था।
डालचंद्र के मुताबिक बरेली-मथुरा हाईवे पर फूलपुर गांव के पास पहुंचे, वह ई-कार्ट में चालक के बराबर आगे सीट पर बैठे हुए थे। तभी देखा कि सामने से दो ट्रैक्टर फिल्मी अंदाज में एक दूसरे को आगे पीछे करते आ रहे हैं। जब ई-कार्ट ट्रैक्टरों के नजदीक पहुंचा तो पहले वाले ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मारी थी।
शादी कार्यक्रम पर संदेह, डालचंद्र बोले- रिश्तेदारों से करेंगे बात
उझानी। हादसे के बाद कुमरपाल की शादी होेने पर दूसरे दिन भी संदेह बना रहा। शादी तय तारीख पर ही होगी या फिर बाद में... इसको लेकर लोगों के मन में तमाम तरह के विचार उठ रहे हैं। वहीं डालचंद्र के मुताबिक रिश्तेदारों से बात कर सबकुछ साफ कर दिया जाएगा। डालचंद्र के सबसे छोटे बेटे कुमरपाल की शादी 29 जून को तय है। शादी की रस्मों की शुरूआत में परिवार की महिलाएं बुधवार को घर से ई- कार्ट में सवार होकर भात मांगने के लिए गठौना गांव की ओर निकली थीं, तभी रास्ते में दो ट्रैक्टरों की रेस ने परिवार को उजाड़ दिया। वहीं, डालचंद्र बोले- इसमें उनकी होने वाली बहू का क्या दोष है। ईश्वर को जो मंजूर था, वही हो गया। रही बात तय समय बेटे की शादी की तो रिश्तेदारों से बात कर लेंगे। जैसा सभी कहेंगे, वैसा ही किया जाएगा। अभी तो वह दाह संस्कार करके निपट पाए हैं। संवाद