15 साल के छात्र ने फांसी लगाई: कमरे से मिला बाय-बाय लिखा सुसाइड नोट, मजबूर मां पूरी न कर सकी बेटे की चाहत
कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें बड़े अंग्रेजी अक्षर में बाय-बाय लिखा हुआ था, लेकिन यह अलविदा तरुण ने या किसी ओर ने लिखा और क्यों लिखा यह स्पष्ट नहीं हो पाया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने अन्य साक्ष्य जुटाए और सुसाइड नोट को भी जांच के दायरे में लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के खुर्जा स्थित प्रीत विहार कॉलोनी में आठवीं कक्षा के छात्र तरुण (15) ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। आत्महत्या के कारणों की अभी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। नोट में तरुण ने बाय बाय लिखा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की और साक्ष्य जुटाए।
पति की हो चुकी बीमारी से मौत
प्रीत विहार कॉलोनी निवासी मीना देवी ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती हैं। पिछले साल पति संजय की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद अपने दोनों बेटे कुनाल और छोटे बेटे तरुण (15) के साथ किराए के मकान में रहती थीं। रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह वह काम पर गई थीं। दोपहर एक बजे घर वापस आई तो देखा कि बाहर का दरवाजा खुला हुआ था।
चादर का फंदा बनाकर लटका तरुण
अंदर गई तो कमरा भी खुला था। उन्होंने तरुण को आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह कमरे में गई तो मंजर देख जोर से चिल्ला उठीं। उनका मासूम बेटा तरुण शव फंदे पर लटका हुआ था। शोर सुनकर आस पास के लोग भी वहां आ गए। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की तो देखा कि कमरे में पंखे पर चादर का फंदा लगाकर तरुण लटका हुआ था।
सुसाइड नोट में लिखा, बाय-बाय
वहीं कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें बड़े अंग्रेजी अक्षर में बाय-बाय लिखा हुआ था, लेकिन यह अलविदा तरुण ने या किसी ओर ने लिखा और क्यों लिखा यह स्पष्ट नहीं हो पाया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने अन्य साक्ष्य जुटाए और सुसाइड नोट को भी जांच के दायरे में लिया। मां मीना देवी ने बताया कि उनका बड़ा बेटा कुनाल सिकंदराबाद स्थित निजी कंपनी में नौकरी करता है। घटना के दौरान वह भी कंपनी में था।
पढ़ाई के साथ-साथ नाली की दुकान पर मदद करता था तरुण
मां मीना देवी ने रोते हुए बताया कि उनका ससुराल गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में है और मायका अरनिया मंसूरपुर गांव में है। दो साल पहले ही पति के साथ वह प्रीत विहार कॉलोनी में रहने आई थीं। पति मजदूरी करते थे, जिनकी मौत के बाद सारी जिम्मेदारी कुनाल और मीना पर आ गई। वहीं, तरुण जेएएस इंटर कॉलेज में आठवीं कक्षा में था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण तरुण भी पढ़ाई के साथ कालिंदी कुंज कॉलोनी के बाहर नानी की चाय की दुकान पर मदद करता था।
कुछ दिन पहले लिया था नया फोन, साइकिल की कर रहा था डिमांड
मां ने रोते हुए बताया कि 25 दिन पहले ही उनका फोन चोरी हो गया था। फिर कुछ दिनों पहले ही नया फोन खरीदा था। उनका फोन अक्सर तरुण ही इस्तेमाल करता था। तरुण स्कूल आने जाने के लिए साइकिल खरीदने की मांग कर रहा था, लेकिन फोन लेने के कारण रुपये नहीं बचे थे। ऐसे में उसको कुछ दिनों बाद साइकिल देने की बात कही थी।
पुलिस का बयान
कमरा, बेड व फंदे की स्थिति को देखकर स्पष्ट है कि किशोर ने आत्महत्या की है। मौके से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें केवल अंग्रेजी के अक्षर में बाय लिखा था। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। - शोभित कुमार, सीओ खुर्जा।