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Bulandshahar News: श्रद्धापूर्वक मनाया गया गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस
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स्याना। नगर के गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार में बृहस्पतिवार को सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान ज्ञानी बलवंत सिंह के जत्थे ने गुरुवाणी का पाठ व शब्द-कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
गुरुद्वारा गुरु सिंध सभा के अध्यक्ष सरदार तेजेंद्र सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए गुरु अर्जन देव के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु अर्जन देव का जन्म वर्ष 1563 में अमृतसर के वडाली गांव में हुआ था। उनके पिता गुरु रामदास और माता भानी थीं।
उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव ने सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहीदी दिवस के अवसर पर संगतो में गुरु का लंगर और मीठे शरबत का वितरण किया गया। कार्यक्रम में सरदार कुलवंत सिंह, बलवंत सिंह, खेम सिंह, विक्की, मनी, बलजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह समेत अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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गुरुद्वारा गुरु सिंध सभा के अध्यक्ष सरदार तेजेंद्र सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए गुरु अर्जन देव के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु अर्जन देव का जन्म वर्ष 1563 में अमृतसर के वडाली गांव में हुआ था। उनके पिता गुरु रामदास और माता भानी थीं।
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उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव ने सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहीदी दिवस के अवसर पर संगतो में गुरु का लंगर और मीठे शरबत का वितरण किया गया। कार्यक्रम में सरदार कुलवंत सिंह, बलवंत सिंह, खेम सिंह, विक्की, मनी, बलजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह समेत अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।