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Bulandshahar News: अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते नौ दिन से नहीं हुए बैनामे
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डिबाई में अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते नों दिन से नहीं हुएं बैनामें, सब रजिस्ट्रार ऑफिस में पसर
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डिबाई। ई-रजिस्ट्री प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं की पिछले बुधवार से चल रही हड़ताल के चलते सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में बैनामे नहीं हुए। जिसके चलते कार्यालय पर सन्नाटा छाया हुआ है।
उधर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मिठठन लाल ने बताया कि तहसील अधिवक्ता 20 जून तक हड़ताल पर हैं। समस्या का निदान नहीं हुआ तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। हड़ताल से प्रतिदिन करीब 15 से 20 लाख रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते टाइपिस्ट, दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेता खाली बैठे नजर आए।
एडवोकेट ओमवीर सिंह ने नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग उठाई। कहा कि नई प्रणाली के लागू होने से हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खडा हो जाएगा। बताया कि मकान, भूमि के बैनामे, रसीद और क्रय- विक्रय संबंधी कार्यों के लिए सरकार ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली लागू होने से दस्तावेज लेखक, कंप्यूटर ऑपरेटर, फोटोकॉपी करने वाले, फोटोग्राफर और स्टांप विक्रेताओं समेत बडी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
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उधर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मिठठन लाल ने बताया कि तहसील अधिवक्ता 20 जून तक हड़ताल पर हैं। समस्या का निदान नहीं हुआ तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। हड़ताल से प्रतिदिन करीब 15 से 20 लाख रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते टाइपिस्ट, दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेता खाली बैठे नजर आए।
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एडवोकेट ओमवीर सिंह ने नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग उठाई। कहा कि नई प्रणाली के लागू होने से हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खडा हो जाएगा। बताया कि मकान, भूमि के बैनामे, रसीद और क्रय- विक्रय संबंधी कार्यों के लिए सरकार ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली लागू होने से दस्तावेज लेखक, कंप्यूटर ऑपरेटर, फोटोकॉपी करने वाले, फोटोग्राफर और स्टांप विक्रेताओं समेत बडी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।