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Bulandshahar News: फर्जी फायर एनओसी बनवाई, संचालक पर रिपोर्ट
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बुलंदशहर। जनपद में अग्निशमन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष ऑडिट अभियान के दौरान जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिकंदराबाद स्थित एक निजी अस्पताल द्वारा फर्जी फायर एनओसी के सहारे संचालन किए जाने का खुलासा हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटनीति की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि जनपद में स्कीम संख्या-3 के तहत विभिन्न चिकित्सालयों और नर्सिंग होम का फायर ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। इसी के चलते प्रभारी अग्निशमन अधिकारी सिकंदराबाद अतुल त्रिपाठी अपनी टीम के साथ सिरौधन बाईपास स्थित शर्मा हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जब टीम ने अस्पताल प्रबंधन से अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की मांग की, तो उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत हुआ। बताया कि जब अस्पताल द्वारा दी गई एनओसी की जांच मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय, बुलंदशहर से कराई गई और ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा का मिलान किया गया, तो वहां कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला।
जालसाजों ने प्रमाणपत्र को असली दिखाने के लिए उस पर संबंधित राजपत्रित अधिकारी के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर और ई-सिग्नेचर तक अंकित कर दिए थे। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल में मानकों के अनुरूप अग्निशमन व्यवस्थाएं स्थापित नहीं की गई थीं। फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये न केवल विभाग और शासन को गुमराह किया गया, बल्कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों और उपचाराधीन मरीजों की सुरक्षा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। मामले में एसएसपी के निर्देश पर थाना सिकंदराबाद में अस्पताल संचालक व अन्य संबंधितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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वहीं, सिकंदराबाद में अग्निशमन विभाग की जांच में फर्जी एनओसी लेकर संचालित हो रहे शर्मा हॉस्पिटल का स्वास्थ्य विभाग में भी कोई रिकार्ड नहीं मिला है। ऐसे में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग अस्पताल की जांच करा नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि शर्मा हॉस्पिटल नाम से कोई अस्पताल सिकंदराबाद में पंजीकृत नहीं है। जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटनीति की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि जनपद में स्कीम संख्या-3 के तहत विभिन्न चिकित्सालयों और नर्सिंग होम का फायर ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। इसी के चलते प्रभारी अग्निशमन अधिकारी सिकंदराबाद अतुल त्रिपाठी अपनी टीम के साथ सिरौधन बाईपास स्थित शर्मा हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जब टीम ने अस्पताल प्रबंधन से अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की मांग की, तो उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत हुआ। बताया कि जब अस्पताल द्वारा दी गई एनओसी की जांच मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय, बुलंदशहर से कराई गई और ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा का मिलान किया गया, तो वहां कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला।
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जालसाजों ने प्रमाणपत्र को असली दिखाने के लिए उस पर संबंधित राजपत्रित अधिकारी के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर और ई-सिग्नेचर तक अंकित कर दिए थे। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल में मानकों के अनुरूप अग्निशमन व्यवस्थाएं स्थापित नहीं की गई थीं। फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये न केवल विभाग और शासन को गुमराह किया गया, बल्कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों और उपचाराधीन मरीजों की सुरक्षा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। मामले में एसएसपी के निर्देश पर थाना सिकंदराबाद में अस्पताल संचालक व अन्य संबंधितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं, सिकंदराबाद में अग्निशमन विभाग की जांच में फर्जी एनओसी लेकर संचालित हो रहे शर्मा हॉस्पिटल का स्वास्थ्य विभाग में भी कोई रिकार्ड नहीं मिला है। ऐसे में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग अस्पताल की जांच करा नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि शर्मा हॉस्पिटल नाम से कोई अस्पताल सिकंदराबाद में पंजीकृत नहीं है। जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।