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Bulandshahar News: आवारा कुत्तों के आतंक से मिलेगी निजात, बनेगा शेल्टर होम, नसबंदी केंद्र

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:25 PM IST
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Relief from the menace of stray dogs, shelter home and sterilization center to be built
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बुलंदशहर। नगरवासियों को अब जल्द ही आवारा कुत्तों के आतंक से निजात मिल जाएगी। शिकारपुर रोड पर चीरघर के पास कार्यदायी संस्था दो हजार स्क्वायर फीट भूमि पर दो करोड़ की लागत से कुत्ता नसबंदी केंद्र, शेल्टर होम का निर्माण करेगी। जिसके लिए कार्यदायी संस्था को बजट आवंटित हो चुका है।


सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2025 को सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन कराने के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ने का आदेश दिया। साथ ही नगर पालिका को आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए।
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जहां पर आक्रामक कुत्तों को रखा जा सके। अधिशासी अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर के शिकारपुर रोड पर चीरघर के पास दो हजार स्क्वायर फीट जमीन को चिन्हित कर शासन को शेल्टर होम, कुत्ता नसबंदी केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। शासन से प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कार्यदायी संस्था को शेल्टर होम, कुत्ता नसबंदी केंद्र के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके लिए कार्यदायी संस्था को दो करोड़ रुपये के बजट का भी आवंटन हो चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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बताया कि शेल्टर होम में आक्रामक कुत्तों को रखने के साथ ही कुत्तों की जनसंख्या को नियंत्रित किए जाने के लिए नसबंदी भी की जाएगी। नगर पालिका ने दो साल पूर्व आवारा कुत्तों की नसबंदी कराने की प्रक्रिया शुरू कराई थी। अब तक करीब ढाई हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी कराई जा चुकी है। पशुपालन विभाग के अनुसार नगर में तीन हजार से अधिक पालतू कुत्ते हैं।
वहीं, नगर की सड़कों पर गरीब छह हजार से अधिक आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। प्रतिवर्ष पशुपालन विभाग द्वारा तीन हजार पालतू कुत्तों का वैक्सीनेशन कराया जाता है। जबकि सड़कों पर घूमने वालों का वैक्सीनेशन नहीं हो पाता। जिला चिकित्सालय के अनुसार प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक रोगी एआरवी की वैक्सीन लगवाने के लिए जिला चिकित्सालय में आते हैं। उक्त सभी रोगियों सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों के अलावा पालतू कुत्तों, बंदर एवं बिल्ली आदि के हमले के बाद एआरवी लगवाने के लिए आते हैं।
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