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Bulandshahar News: गंगा का बढ़ा जलस्तर लो फ्लड में पहुंचा, घाटाें व खादर को पार कर गया पानी
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अनूपशहर में जाह्नवी द्वार घाट को पार कर गया गंगा का बढ़ा जल स्तर। संवाद
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अनूपशहर/अहार/नरौरा। बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते गंगा का जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दिख रही है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में एक फीट से अधिक तक का इजाफा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही गंगा नदी अब लो फ्लड (निम्न स्तर की बाढ़) की श्रेणी में आ चुकी है। स्थिति यह बन गई कि पानी खादर और घाटों को पार कर गया। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। वहीं, दूसरी ओर जलस्तर बढ़ने से किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है। पशुओं के चारे का भी संकट गहराने लगा है।
अनूपशहर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से लाल महादेव घाट पर गंगा का पानी सीढ़ियों को पार कर मुख्य सड़क तक पहुंच गया है। वहीं, बबस्टर गंज घाट पर जाह्नवी द्वार आरती स्थल स्थित शनिदेव मंदिर तक जलभराव हो गया है। सुप्रसिद्ध मस्तराम घाट का प्लेटफॉर्म भी पानी में डूब चुका है। खतरे और बढ़ते पानी को देखते हुए घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी आई है। गंगा किनारे बसे शेरपुर, बच्चीखेड़ा, तोरई, सिरौरा और हसनपुर समेत खादर क्षेत्र के गांवों के जंगलों में पानी घुस गया है। इससे स्थानीय पशुपालकों के सामने हरे चारे और मवेशियों की सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। माना जा रहा है शुक्रवार तक गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होगी। अहार में भी जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ड्रेनेज विभाग के एई अमित किशोर के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह बिजनौर बैराज से 1,75,530 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि मंगलवार रात को भी 1,45,276 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। हालात का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि राजस्व टीम समेत बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को मुस्तैद कर दिया गया है। लोगों को नदी के पास न जाने की हिदायत दी जा रही है। नगर पालिका ईओ गार्गी त्यागी ने बताया कि नगर पालिका ने दो लाख रुपये की लागत से चार प्रमुख घाटों पर 54 लोहे के बैरिकेडिंग पोल लगवाए हैं ताकि कोई अनहोनी न हो। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेला को सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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दूसरी ओर नरौरा गंगा बैराज पर नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे से लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बैराज पर कुल पानी कर आवक 1,78,712 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो रही है। नदी की डाउन स्ट्रीम में 1,63,181 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बुधवार की सायं को 99984 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। बैराज पर जल स्तर खतरे के निशान से 41.5 सेमी नीचे चल रहा है। जल स्तर ढाई लाख क्यूसेक होने पर जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है।
गंगा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे बैराज से गंगा नदी कि डाउनस्ट्रीम में एक लाख 40 हजार 452 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। वहीं, शाम को वृद्धि के साथ 1,63,181 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में क्रमशः 8099 व 7432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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अनूपशहर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से लाल महादेव घाट पर गंगा का पानी सीढ़ियों को पार कर मुख्य सड़क तक पहुंच गया है। वहीं, बबस्टर गंज घाट पर जाह्नवी द्वार आरती स्थल स्थित शनिदेव मंदिर तक जलभराव हो गया है। सुप्रसिद्ध मस्तराम घाट का प्लेटफॉर्म भी पानी में डूब चुका है। खतरे और बढ़ते पानी को देखते हुए घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी आई है। गंगा किनारे बसे शेरपुर, बच्चीखेड़ा, तोरई, सिरौरा और हसनपुर समेत खादर क्षेत्र के गांवों के जंगलों में पानी घुस गया है। इससे स्थानीय पशुपालकों के सामने हरे चारे और मवेशियों की सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। माना जा रहा है शुक्रवार तक गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होगी। अहार में भी जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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ड्रेनेज विभाग के एई अमित किशोर के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह बिजनौर बैराज से 1,75,530 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि मंगलवार रात को भी 1,45,276 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। हालात का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि राजस्व टीम समेत बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को मुस्तैद कर दिया गया है। लोगों को नदी के पास न जाने की हिदायत दी जा रही है। नगर पालिका ईओ गार्गी त्यागी ने बताया कि नगर पालिका ने दो लाख रुपये की लागत से चार प्रमुख घाटों पर 54 लोहे के बैरिकेडिंग पोल लगवाए हैं ताकि कोई अनहोनी न हो। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेला को सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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दूसरी ओर नरौरा गंगा बैराज पर नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे से लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बैराज पर कुल पानी कर आवक 1,78,712 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो रही है। नदी की डाउन स्ट्रीम में 1,63,181 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बुधवार की सायं को 99984 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। बैराज पर जल स्तर खतरे के निशान से 41.5 सेमी नीचे चल रहा है। जल स्तर ढाई लाख क्यूसेक होने पर जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है।
गंगा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे बैराज से गंगा नदी कि डाउनस्ट्रीम में एक लाख 40 हजार 452 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। वहीं, शाम को वृद्धि के साथ 1,63,181 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में क्रमशः 8099 व 7432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।