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Bulandshahar News: एक साथ उठीं तीन अर्थियां, चीत्कारों से दहला पंजाबियान मोहल्ला
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खुर्जा के पंजाबियान मोहल्ला में मृतकों के घर के बाहर उमड़ी भीड़। संवाद
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खुर्जा। पंजाबियान मोहल्ले में रविवार की शाम जब मनीष, अमरदीप और आकाश के शव पोस्टमार्टम के बाद पहुंचे तो पूरे इलाके का कलेजा फट सा गया। एक साथ तीन जवान बेटों की अर्थियां देख मोहल्ले का हर शख्स फफक पड़ा। घर के आंगन से जब एक साथ तीन जनाजे उठे तो हर किसी की आंख नम हो उठी। बाद में तीनों की चिताओं को भी एक साथ अग्नि दी गई।
मनीष का शव देख उनकी पत्नी हेमलता सुध-बुध खो बैठी। वह बार-बार मनीष के शव से लिपटकर कह रही थी कल तो आप शादी में जाने के लिए तैयार होकर गए थे, आज सफेद कफन ओढ़कर क्यों आए हो? उठो, देखो बेटी गुन्ना पूछ रही है पापा कहां हैं। हेमलता की ये बातें सुनकर वहां मौजूद हर बुजुर्ग और बच्चे की आंखें छलक आईं। रोते-रोते हेमलता कई बार बेहोश हुईं, जिसे परिजनों ने बामुश्किल संभाला। वहीं, मनीष की वृद्ध मां जगबीरी अपने मन्नू को आवाज लगाती रही, बेटा अपनी मां से गुस्सा मत हो, उठ जा, मुझे भी अपने साथ ले चल। इस हत्याकांड ने न केवल तीन मांओं की गोद सूनी की, बल्कि दो महिलाओं का सुहाग भी उजाड़ दिया। मनीष की पत्नी हेमलता और अमरदीप की पत्नी सिमरन के सिर से पति का साया हमेशा के लिए उठ गया। वहीं, आकाश की मां सविता अपने जवान बेटे को खोकर बेसुध पड़ी रहीं। मोहल्ले में चीख-पुकार का ऐसा मंजर था कि सांत्वना देने पहुंचे लोगों के शब्द भी कम पड़ गए। शव पहुंचने की सूचना मिलते ही खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह पीड़ित परिवार के बीच पहुंचीं। उन्होंने रोती-बिलखती महिलाओं को गले लगाकर ढांढस बंधाया और न्याय का भरोसा दिया। इस दौरान भारी संख्या में विभिन्न दलों के नेता, समाजसेवी, अधिवक्ता प्रवीण प्रताप भाटी, स्थानीय व्यापारी और हजारों की संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
अंतिम संस्कार के लिए जब अर्थियां माता घाट कॉलोनी स्थित अंत्येष्टि स्थल की ओर बढ़ीं, तो हजारों लोग न्याय की मांग करते हुए साथ चल रहे थे। परिजनों और महिलाओं ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर शवों को रोक दिया, जिन्हें प्रशासन और लोगों ने समझा-बुझाकर शांत कराया। देर शाम गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे भाई अमरदीप, मनीष और भतीजे आकाश की चिताएं जब एक साथ जलीं, तो हर तरफ सन्नाटा पसर गया।
दोस्त की तरह रहते थे अमरदीप व आकाश
छोटे भाई वंश ने बताया कि उनका बड़ा भाई आकाश और चाचा अमरदीप दोस्त की तरह रहते थे। दोनों साथ में ही जिम और साथ में ही फैक्टरी में ठेकेदारी करते थे। दोनों का रिश्ता परिवार व मोहल्ले में चर्चा का विषय था। दोनों को चाचा भतीजा कम भाई ज्यादा मानते थे। जब यह घटना हुई तो सबसे बड़ा भाई बादल, आकाश और मनीष का भाई संजय तीनों सुभाष मार्ग स्थित फार्म हाउस में आयोजित शादी समारोह में थे। झगड़े की सूचना मिलने पर संजय पहले जिम पहुंचे। इसके बाद परिवार के सभी लोग कैलाश अस्पताल में पहुंचे।
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पिता की तहरीर पर दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट, सभी आरोपी आपस में भाई और पड़ोसी
घटना में अमरदीप के पिता सरूप सैनी ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि अमरदीप, आकाश व मनीष किसी काम से सुभाष मार्ग पर गए थे। जहां पर घेराबंदी कर तीनों के साथ मारपीट की और आरोपियों ने उन्हें जबरन जिम में ले जाकर अवैध हथियार से गोली मारकर हत्या कर दी। सीओ शोभित कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मयंक, उसका भाई रिंकू, जीतू, उसका भाई रवि सैनी, नरेश, भारत, मनीष पुत्र राजाराम, रुपेश, अनुज, सौरभ के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी गई है।
फोरेंसिक ने बनाए पांच स्पॉट, तीन में कारतूस बरामद
घटनास्थल पर जांच करने पहुंची फॉरेंसिक टीम ने ए, बी, सी, डी व ई पांच स्पॉट सर्किल बनाए। इसमें ए, बी व सी में पिस्टल के कारतूस मिले। एडीजी के अनुसार गोली जो राइफल या पिस्टल की हो सकती है। इसके अलावा डी व ई स्पॉट सर्किल में खून पड़ा था, जिससे आशंका लगाई जा रही है कि आरोपियों ने तीनों युवकों के नजदीक जाकर फायरिंग की और उनको भागने का मौका भी नहीं दिया। मनीष के सिर में गोली मारी, जिससे उसके मस्तिष्क के अवशेष बाहर निकल गए। उसको भी फोरेंसिक ने एकत्र किया।
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मनीष का शव देख उनकी पत्नी हेमलता सुध-बुध खो बैठी। वह बार-बार मनीष के शव से लिपटकर कह रही थी कल तो आप शादी में जाने के लिए तैयार होकर गए थे, आज सफेद कफन ओढ़कर क्यों आए हो? उठो, देखो बेटी गुन्ना पूछ रही है पापा कहां हैं। हेमलता की ये बातें सुनकर वहां मौजूद हर बुजुर्ग और बच्चे की आंखें छलक आईं। रोते-रोते हेमलता कई बार बेहोश हुईं, जिसे परिजनों ने बामुश्किल संभाला। वहीं, मनीष की वृद्ध मां जगबीरी अपने मन्नू को आवाज लगाती रही, बेटा अपनी मां से गुस्सा मत हो, उठ जा, मुझे भी अपने साथ ले चल। इस हत्याकांड ने न केवल तीन मांओं की गोद सूनी की, बल्कि दो महिलाओं का सुहाग भी उजाड़ दिया। मनीष की पत्नी हेमलता और अमरदीप की पत्नी सिमरन के सिर से पति का साया हमेशा के लिए उठ गया। वहीं, आकाश की मां सविता अपने जवान बेटे को खोकर बेसुध पड़ी रहीं। मोहल्ले में चीख-पुकार का ऐसा मंजर था कि सांत्वना देने पहुंचे लोगों के शब्द भी कम पड़ गए। शव पहुंचने की सूचना मिलते ही खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह पीड़ित परिवार के बीच पहुंचीं। उन्होंने रोती-बिलखती महिलाओं को गले लगाकर ढांढस बंधाया और न्याय का भरोसा दिया। इस दौरान भारी संख्या में विभिन्न दलों के नेता, समाजसेवी, अधिवक्ता प्रवीण प्रताप भाटी, स्थानीय व्यापारी और हजारों की संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा।
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अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
अंतिम संस्कार के लिए जब अर्थियां माता घाट कॉलोनी स्थित अंत्येष्टि स्थल की ओर बढ़ीं, तो हजारों लोग न्याय की मांग करते हुए साथ चल रहे थे। परिजनों और महिलाओं ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर शवों को रोक दिया, जिन्हें प्रशासन और लोगों ने समझा-बुझाकर शांत कराया। देर शाम गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे भाई अमरदीप, मनीष और भतीजे आकाश की चिताएं जब एक साथ जलीं, तो हर तरफ सन्नाटा पसर गया।
दोस्त की तरह रहते थे अमरदीप व आकाश
छोटे भाई वंश ने बताया कि उनका बड़ा भाई आकाश और चाचा अमरदीप दोस्त की तरह रहते थे। दोनों साथ में ही जिम और साथ में ही फैक्टरी में ठेकेदारी करते थे। दोनों का रिश्ता परिवार व मोहल्ले में चर्चा का विषय था। दोनों को चाचा भतीजा कम भाई ज्यादा मानते थे। जब यह घटना हुई तो सबसे बड़ा भाई बादल, आकाश और मनीष का भाई संजय तीनों सुभाष मार्ग स्थित फार्म हाउस में आयोजित शादी समारोह में थे। झगड़े की सूचना मिलने पर संजय पहले जिम पहुंचे। इसके बाद परिवार के सभी लोग कैलाश अस्पताल में पहुंचे।
पिता की तहरीर पर दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट, सभी आरोपी आपस में भाई और पड़ोसी
घटना में अमरदीप के पिता सरूप सैनी ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि अमरदीप, आकाश व मनीष किसी काम से सुभाष मार्ग पर गए थे। जहां पर घेराबंदी कर तीनों के साथ मारपीट की और आरोपियों ने उन्हें जबरन जिम में ले जाकर अवैध हथियार से गोली मारकर हत्या कर दी। सीओ शोभित कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मयंक, उसका भाई रिंकू, जीतू, उसका भाई रवि सैनी, नरेश, भारत, मनीष पुत्र राजाराम, रुपेश, अनुज, सौरभ के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी गई है।
फोरेंसिक ने बनाए पांच स्पॉट, तीन में कारतूस बरामद
घटनास्थल पर जांच करने पहुंची फॉरेंसिक टीम ने ए, बी, सी, डी व ई पांच स्पॉट सर्किल बनाए। इसमें ए, बी व सी में पिस्टल के कारतूस मिले। एडीजी के अनुसार गोली जो राइफल या पिस्टल की हो सकती है। इसके अलावा डी व ई स्पॉट सर्किल में खून पड़ा था, जिससे आशंका लगाई जा रही है कि आरोपियों ने तीनों युवकों के नजदीक जाकर फायरिंग की और उनको भागने का मौका भी नहीं दिया। मनीष के सिर में गोली मारी, जिससे उसके मस्तिष्क के अवशेष बाहर निकल गए। उसको भी फोरेंसिक ने एकत्र किया।

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