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Bulandshahar News: समय पर नहीं मिला उपचार, दूसरे चिकित्सालय ले जाते समय मौत, हंगामा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 10:41 PM IST
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Treatment was not provided on time, death occurred while being taken to another hospital, commotion
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ऊंचागांव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के न मिलने पर महिला को समय पर उपचार न मिलने पर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सुबह के समय सीएचसी के गेट पर ताला लटका था। कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर नहीं मिला।
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महिला की मौत से गुस्साएं परिजनों ने ग्रामीणों संग सीएचसी परिसर में जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर दो दिन में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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ऊंचागांव निवासी 55 वर्षीय निर्मला देवी की शनिवार सुबह करीब पांच बजे अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया। महिला को सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द होने पर परिजन उन्हें ई-रिक्शा के सहारे सुबह 5:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। पुत्र राहुल ने बताया कि जब वे सीएचसी पहुंचे, तो वहां इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ताला लगा हुआ था। शोर मचाने और आवाज देने के बावजूद कोई भी चिकित्सक या पैरामेडिकल स्टाफ मौके पर नहीं आया। करीब आधे घंटे तक मां दर्द से तड़पती रही।
सीएचसी में उपचार न मिलने पर मां को जहांगीराबाद स्थित निजी अस्पताल ले जाने लगे। जहांगीराबाद ले जाते समय रजवाहे के समीप मां ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीणों ने महिला का शव लेकर सीएचसी पहुंचे और सीएचसी प्रभारी व स्टाफ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते गेट खुल जाता और महिला को ऑक्सीजन या प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो उनकी जान बच सकती थी।
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हंगामे के बाद पुलिस व चिकित्सक से हुई नोकझोंक
हंगामे की सूचना पर सीएचसी प्रभारी और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। परिजनों ने ड्यूटी चार्ट के अनुसार चिकित्सकों की उपस्थिति पर सवाल उठाए, जिस पर सीएचसी प्रभारी अपना आपा खो बैठे। इस दौरान ग्रामीणों और प्रभारी के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सूचना पर नरसेना थाना पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग सीएमओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे सीएचसी पहुंचे। उन्होंने परिजनों की बात सुनी और सीएचसी के उपस्थिति रजिस्टर व सीसीटीवी कैमरों की जांच के निर्देश दिए।
आर्थिक सहायता व हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग
परिजनों ने ड्यूटी से नदारद रहने वाले चिकित्सकों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने, मृतका के परिवार की किसी महिला को योग्यतानुसार आशा कार्यकर्ता के पद पर नियुक्त करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। लिखित आश्वासन और कड़ी कार्रवाई के वादे के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद परिजन महिला के शव को लेकर मांडू गंगा घाट पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, ग्रामीणों ने इससे पूर्व भी सीएचसी में रात या सुबह के वक्त चिकित्सक के अनुपस्थित रहने की बात कहीं।
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Iयह घटना अत्यंत दुखद और गंभीर है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों और चिकित्सकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की मांग के समाधान के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओI
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