प्रेमी ने काटी प्रेमिका की गर्दन: शादी का दबाव-रुपयों की मांग, विकास ने जंगल में फेंकी थी बबली की लाश; खुलासा
घुंघरावली-फरीदाबांगर के सुनसान जंगल में मिले सिर कटे शव की पहचान बबली के रूप में हुई। उसके प्रेमी विकास ने भाई सचिन व दोस्त अमन के साथ मिलकर बहला-फुसलाकर जंगल लाए और गोश्त काटने वाले चौपड़ से एक झटके में सिर धड़ से अलग कर दिया।
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घुंघरावली-फरीदाबांगर के जंगलों में 15 मार्च को महिला के सिरकटे शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्याकांड प्रेम-प्रसंग, बेवफाई और लालच का खौफनाक मिश्रण निकला। पुलिस के अनुसार बबली की हत्या उसके ही विकास ने अपने भाई और एक दोस्त के साथ मिलकर की थी। विकास ने बबली से पीछा छुड़ाने और उसके द्वारा दिए गए रुपयों को हड़पने के लिए वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास और उसके दोस्त अमन को गिरफ्तार कर लिया है। विकास का भाई सचिन फरार है।
एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि बीते दिनों घुंघरावली रजवाहे के पास मिले अज्ञात महिला के सिर कटे शव की शिनाख्त हो गई है। मृतका का सिर भी उसी दिन घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर मिला था। उसके हाथ पर गुदे हुए नाम बबली और जॉनी सिंह की सोशल मीडिया पर वायरल किया गया और पोस्टर चस्पा किए गए थे। शिनाख्त न होने पर शव बरामदगी के तीन दिन बाद मृतका का सामाजिक संस्था के सहयोग से अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
हाथ पर गुदे टैटू और धड़ से अलग हुए सिर का फोटो वायरल होने पर दिल्ली निवासी एक महिला और उनके पुत्र नरसेना थाना पहुंचे और मृतका के कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर उसकी शिनाख्त करीब 38 वर्षीय बबली निवासी कल्याणपुरी के रूप में की। उन्होंने बताया था कि मृतका के पति जोनी सिंह की करीब ढाई वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। उसका पति दिल्ली के एक बड़े निजी अस्पताल में नौकरी करता था। उसकी मौत के बाद बबली ने उसी अस्पताल में साफ सफाई की नौकरी करनी शुरू कर दी थी।
उसी दौरान वह बुगरासी चौकी क्षेत्र के गांव सुलैला निवासी विकास के संपर्क में आ गई थी। विकास और जॉनी सिंह की आपस में दोस्ती थी और दोनों साथ में ही काम करते थे। जांच में पता चला कि बबली अपनी कमाई की रकम भी विकास पर लुटा देती थी। उसने कुछ हजार का लोन भी अपने नाम पर करा कर विकास को दिया था। दोनों एक दूसरे के साथ पति पत्नी की तरह रह रहे थे। बीते दिनों उसे जानकारी हुई कि विकास दूसरी शादी कर रहा है। इसके शिकायत बबली ने कल्याणपुरी थाने में भी की। इसके बाद विकास ने उसे आश्वासन दिया कि वह उसे भी अपने साथ अलग से रखेगा। इस पर बबली मान गई थी और 12 दिसंबर को परिवार की मर्जी से दूसरी जगह विकास ने शादी कर ली।
इसी दौरान विकास की हॉस्पिटल से नौकरी छूट गई थी। तभी उसकी नौकरी मुरादनगर एक मार्ट में लग गई, वहीं वह बबली के साथ एक कमरा किराए पर लेकर रहने लगा था। लेकिन वह उसे अधिक समय नहीं दे रहा था, बबली को यह बात बुरी लग रही थी। इसी के चलते वह विकास से झगड़ती और अपने रुपये वापस मांगने लगी। बबली ने धमकी दी कि यदि विकास ने उसे नहीं अपनाया, तो वह उसके परिजनों को उनके संबंधों की सच्चाई बता देगी।
अपनी नई शादीशुदा जिंदगी बचाने और कर्ज से मुक्ति पाने के लिए विकास ने बबली को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। साजिश के तहत 14 मार्च की शाम विकास बबली को बहला-फुसलाकर अपने गांव सुलैला में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने लाया। वे ब्रजघाट तक बस से आए, जहां विकास का भाई सचिन और गजरौला निवासी दोस्त अमन पहले से ही बाइक लेकर मौजूद थे। चारों एक ही बाइक पर सवार होकर घुंघरावली रजवाहे के पास सुनसान जंगल में पहुंचे।
वहां तीनों ने शराब पी। इस बीच जब बबली को अनहोनी की आशंका हुई, तो उसने विरोध किया। मौत सामने देख वह हत्यारों के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाई और जान बख्शने की भीख मांगी, लेकिन पत्थर दिल हत्यारों का दिल नहीं पसीजा। विकास ने उसके पैर पकड़ लिए और अमन ने उसे जोर से जकड़ लिया, तभी आरोपी सचिन ने गोश्त काटने वाले भारी चौपड़ से एक ही झटके में बबली का सिर धड़ से अलग कर दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए वे सिर को बाइक पर रखकर करीब 700 मीटर दूर ले गए और उसे जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने अब गांव के पास से आरोपी विकास और अमन निवासी गजरौला थाना नरसेना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गोश्त काटने वाला चौपड़ बरामद कर लिया है। विकास और अमन के पास से दो तमंचे और कारतूस भी मिले हैं। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
सीसीटीवी से बचने को चुना ग्रामीण रास्ता
शातिर हत्यारों ने पुलिस से बचने के लिए पूरी प्लानिंग की थी। दिल्ली-मुरादनगर से आने के लिए आमतौर पर बीबीनगर या गढ़मुक्तेश्वर मार्ग का उपयोग किया जाता है, जहां सीसीटीवी कैमरों की भरमार है। इनसे बचने के लिए आरोपी बबली को ब्रजघाट से बहादुरगढ़, पलवाड़ा और जलालपुर जैसे लिंक मार्गों से लेकर आए। उन्हें लगा कि इन रास्तों पर कोई चश्मदीद या कैमरा नहीं मिलेगा, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुई शिनाख्त की खबरों ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया।
नीलगाय न होती तो नहीं मिलता नामोनिशान
घटनास्थल के पास ही एक नीलगाय का शव पड़ा था, जिसे करीब आधा दर्जन कुत्ते खा रहे थे। पुलिस का मानना है कि यदि कुत्तों का पेट नीलगाय के मांस से न भरा होता, तो वे बबली के शव को क्षत-विक्षत कर देते। ऐसी स्थिति में महिला की शिनाख्त असंभव हो जाती और यह ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री कभी न सुलझ पाती।
अनाथ हुईं तीन बेटियां, दादी के पास है मासूम
बबली की मौत के बाद उसकी तीन बेटियों के सिर से मां का साया भी उठ गया है। बड़ी बेटी 16 साल, मंझली 10 साल और सबसे छोटी महज 7 साल की है। पति की मौत के बाद बबली बच्चों से अलग मुरादनगर रहती थी, जबकि बेटियां अपनी दादी के पास रह रही थीं। परिजनों को तो यह भी नहीं पता था कि बबली की हत्या हो चुकी है, पुलिस की सूचना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
शातिर प्रेमी विकास ने घटना को अंजाम देने के लिए पूरी साजिश रची थी। वारदात को अंजाम देने के बाद वे लोग गांव सुलैला पहुंचे। 15 को यहां सचिन की शादी की सालगिरह मनाने के बाद विकास मुरादनगर चला गया था। वहां उसने 17 मार्च को बबली की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। जिससे कि किसी को उस पर शक ना हो।