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Bulandshahar News: अष्टमी पर किया महागाैरी का पूजन, कंजक-लांगुर जिमाकर खोला व्रत
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खुर्जा में नवरात्रि पर अष्टमी पूजन के दौरान के मौजूद कन्याएं - स्रोत : जागरूक पाठक
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बुलंदशहर/अनूपशहर/औरंगाबाद /बीबीनगर/गुलावठी/ अहार/शिकारपुर/स्याना/ नरौरा/ऊंचागांव/खानपुर/ डिबाई। चैत्र नवरात्र के आठवें दिन भक्तों ने मां महागौरी का पूजन किया। फिर कन्या-लांगुर जिमा कर व्रत खोला। शुक्रवार को चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि है। काफी भक्त कन्याओं का पूजन कर व्रत खोलेंगे। सुबह 10:06 बजे से पहले कन्या पूजन करना होगा।
पंडित कैलाश कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि नवमी का व्रत नहीं रखने पर पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। बृहस्पतिवार सुबह से ही नगर के मंदिरों में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे। कंजक पूजन के दौरान कन्याओं और लांगुरों का पूजन किया। महागौरी का पूजन करने के लिए नगर के मां महाकाली मंदिर, शीतलगंज देवी मंदिर, साठा स्थित देवी मंदिर, राज राजेश्वर मंदिर, भवन मंदिर, नर्मदेश्वरधाम मंदिर और मनसा देवी मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही माता रानी का पूजन शुरू हो गया।
यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। इसी तरह अहार के मां अवंतिका देवी और नरौरा क्षेत्र के गांव बेलोन स्थित सर्व मंगला भवानी की पूजा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। अनूपशहर, औरंगाबाद, शिकारपुर, बीबीनगर, गुलावठी, स्याना, ऊंचागांव, खानपुर और डिबाई क्षेत्र में भी भक्तों ने कंजक पूजन कर व्रत खोला।
मां गौरी का पूजन करने के लिए नगर से लेकर देहात तक घर से लेकर मंदिरों तक माता रानी के जयकारों की गूंज रही। चैत्र नवरात्र के दौरान घरों में कंजक पूजन किया गया। इस दौरान गली मोहल्लों में स्थिति यह बनी की नन्ही बालिकाएं एक घर से निकल दूसरे घर भोजन के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने भी विधिवत रूप से कंजका पूजन कर उन्हें भोजन कराया। व्रत रखने वाली महिलाओं ने बताया कि नवरात्र के दौरान व्रत संकल्प लेकर घट की स्थापना की गई थी।
इसका अष्टमी पर अनुष्ठान पूरा करते हुए कंजक भोजन कराया गया है। महिलाओं ने बताया कि नवरात्र के दौरान माता के पूजन का विशेष विधान है। अष्टमी पर माता मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की सुबह से ही काफी भीड़ जुटी। वहीं, दूसरी ओर व्रत रखने वाले भक्त गंगा स्नान को भी पहुंचे। भक्तों ने अहार, अनूपशहर, कर्णवास और नरौरा समेत अन्य घाटों पर गंगा स्नान कर पुण्य कमाया।
कुचेसर किला स्थित देवी मंदिर पर लगा विशाल मेला
बीबीनगर। क्षेत्र के ऐतिहासिक कुचेसर किला स्थित प्राचीन देवी माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर गुरुवार को विशाल मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। अष्टमी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया। दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुचेसर किला स्थित मंदिर पहुंचे। मेले में लगी दुकानों से लोगों ने खिलौने, शृंगार सामग्री और खाने-पीने की वस्तुओं की खरीदारी की, वहीं बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। मंदिर समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था संभाली। संवाद
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पंडित कैलाश कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि नवमी का व्रत नहीं रखने पर पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। बृहस्पतिवार सुबह से ही नगर के मंदिरों में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे। कंजक पूजन के दौरान कन्याओं और लांगुरों का पूजन किया। महागौरी का पूजन करने के लिए नगर के मां महाकाली मंदिर, शीतलगंज देवी मंदिर, साठा स्थित देवी मंदिर, राज राजेश्वर मंदिर, भवन मंदिर, नर्मदेश्वरधाम मंदिर और मनसा देवी मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही माता रानी का पूजन शुरू हो गया।
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यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। इसी तरह अहार के मां अवंतिका देवी और नरौरा क्षेत्र के गांव बेलोन स्थित सर्व मंगला भवानी की पूजा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। अनूपशहर, औरंगाबाद, शिकारपुर, बीबीनगर, गुलावठी, स्याना, ऊंचागांव, खानपुर और डिबाई क्षेत्र में भी भक्तों ने कंजक पूजन कर व्रत खोला।
मां गौरी का पूजन करने के लिए नगर से लेकर देहात तक घर से लेकर मंदिरों तक माता रानी के जयकारों की गूंज रही। चैत्र नवरात्र के दौरान घरों में कंजक पूजन किया गया। इस दौरान गली मोहल्लों में स्थिति यह बनी की नन्ही बालिकाएं एक घर से निकल दूसरे घर भोजन के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने भी विधिवत रूप से कंजका पूजन कर उन्हें भोजन कराया। व्रत रखने वाली महिलाओं ने बताया कि नवरात्र के दौरान व्रत संकल्प लेकर घट की स्थापना की गई थी।
इसका अष्टमी पर अनुष्ठान पूरा करते हुए कंजक भोजन कराया गया है। महिलाओं ने बताया कि नवरात्र के दौरान माता के पूजन का विशेष विधान है। अष्टमी पर माता मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की सुबह से ही काफी भीड़ जुटी। वहीं, दूसरी ओर व्रत रखने वाले भक्त गंगा स्नान को भी पहुंचे। भक्तों ने अहार, अनूपशहर, कर्णवास और नरौरा समेत अन्य घाटों पर गंगा स्नान कर पुण्य कमाया।
कुचेसर किला स्थित देवी मंदिर पर लगा विशाल मेला
बीबीनगर। क्षेत्र के ऐतिहासिक कुचेसर किला स्थित प्राचीन देवी माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर गुरुवार को विशाल मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। अष्टमी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया। दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुचेसर किला स्थित मंदिर पहुंचे। मेले में लगी दुकानों से लोगों ने खिलौने, शृंगार सामग्री और खाने-पीने की वस्तुओं की खरीदारी की, वहीं बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। मंदिर समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था संभाली। संवाद