पहली घटना कुशी गांव की है। यहां श्याम सुंदर का दो वर्षीय पुत्र अंकुश घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाया, लेकिन तब तक वह घायल हो चुका था। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ ले जाकर एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाया।
दूसरी घटना बसौली गांव की है। यहां नौ वर्षीय छात्र ऋषभ सुबह स्कूल जा रहा था, तभी रास्ते में एक कुत्ते ने हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने दौड़कर कुत्ते को भगाया। घायल छात्र को परिजन स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसका उपचार किया गया। तीसरी घटना बोझ गांव की है, जहां 15 वर्षीय सोनू को स्कूल जाते समय कुत्ते ने काट लिया। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने बताया कि कुत्ते के काटने पर तत्काल एंटी रैबीज टीका लगवाना आवश्यक है और निर्धारित समय पर पूरा कोर्स कराना अनिवार्य होता है।