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Chandauli News: 15 साल पुराने 125 स्कूलों का कराया सर्वे, 12 भवन मिले जर्जर
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कंपोजिट विद्यालय सारीपुर का जर्जर भवन। संवाद
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जिले के 12 परिषदीय विद्यालयों के भवन जर्जर हैं। इन्हीं जर्जर भवनों में नौनिहालों की पढ़ाई होती है। बेसिक विभाग की ओर से 40 दिनों में 125 स्कूलों का सर्वे कराया गया। इन स्कूलों के भवन 15 साल पुराने हैं। जर्जर मिले भवनों की विद्यालयों की ओर से नीलामी कराई जाएगी और उसकी जगह पर नए भवन बनाए जाएंगे। बारिश शुरू होने के पहले इन स्कूलों में नए भवन बनाना विभाग के लिए चुनौती है।
जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इसमें एक लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत है। मिशन कायाकल्प, कंपोजिट ग्रांट की मदद से विद्यालयों का विकास हो रहा है, हालांकि डेढ़ से दो दशक पूर्व बने कई स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। गर्मी की छुट्टी खत्म होने के बाद 20 जून से विद्यालय खुल जाएंगे। एक जुलाई के बाद विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी। इसलिए बारिश से पहले अप्रैल में ही शिक्षा विभाग ने 10 से 15 साल पुराने 125 विद्यालय भवनों का सर्वे कराया। जिसमें 10 से 12 विद्यालय जर्जर पाए गए। सर्वे टीम ने स्कूलों में खिड़की, भवन, दरवाजा सहित अन्य कई बिंदुओं की जांच की। अब इन भवनों को नीलाम कर नए भवन बनाए जाएंगे। साल 2021 में करीब 150, 2022 में 171 विद्यालयों के भवन जर्जर मिले थे। विभाग के प्रस्ताव पर 12 नए स्कूल समेत 100 से अधिक भवन स्वीकृत हुए। जिसको बनाया जा चुका है। इससे इस बार जर्जर भवनों की संख्या काफी कम है। शिवम पांडेय, बीएसए ने कहा कि अप्रैल मे करीब 125 स्कूल भवनों का सर्वे किया गया। इसमें 12 भवन जर्जर पाए गए हैं। उसकी नीलामी कराकर नए भवन बनाए जाएंगे।
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जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इसमें एक लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत है। मिशन कायाकल्प, कंपोजिट ग्रांट की मदद से विद्यालयों का विकास हो रहा है, हालांकि डेढ़ से दो दशक पूर्व बने कई स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। गर्मी की छुट्टी खत्म होने के बाद 20 जून से विद्यालय खुल जाएंगे। एक जुलाई के बाद विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी। इसलिए बारिश से पहले अप्रैल में ही शिक्षा विभाग ने 10 से 15 साल पुराने 125 विद्यालय भवनों का सर्वे कराया। जिसमें 10 से 12 विद्यालय जर्जर पाए गए। सर्वे टीम ने स्कूलों में खिड़की, भवन, दरवाजा सहित अन्य कई बिंदुओं की जांच की। अब इन भवनों को नीलाम कर नए भवन बनाए जाएंगे। साल 2021 में करीब 150, 2022 में 171 विद्यालयों के भवन जर्जर मिले थे। विभाग के प्रस्ताव पर 12 नए स्कूल समेत 100 से अधिक भवन स्वीकृत हुए। जिसको बनाया जा चुका है। इससे इस बार जर्जर भवनों की संख्या काफी कम है। शिवम पांडेय, बीएसए ने कहा कि अप्रैल मे करीब 125 स्कूल भवनों का सर्वे किया गया। इसमें 12 भवन जर्जर पाए गए हैं। उसकी नीलामी कराकर नए भवन बनाए जाएंगे।
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