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Chandauli News: काली मंदिर विस्थापन की खबर से आहत महिला ने अपनी जमीन देने का किया एलान

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:43 AM IST
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A woman, hurt by the news of the Kali temple's displacement, announced that she would give up her land
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजेश कुमार को मां काली के मंदिर के लिए जमीन देने के लिए प्रार्थना
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पीडीडीयू नगर। मां काली मंदिर के संभावित विस्थापन को लेकर क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के बीच एक महिला ने मंदिर स्थापना के लिए अपनी निजी भूमि देने की पेशकश की है। ईस्टर्न बाजार निवासी प्रमिला देवी ने स्वेच्छा से 212 वर्ग फीट निजी भूमि मंदिर के लिए उपलब्ध कराने की इच्छा जताते हुए मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को पत्र सौंपा। मंगलवार को दिए गए इस आवेदन में उन्होंने मंदिर को क्षेत्र से विस्थापित होने से बचाने की अपील की है। नगर के ईस्टर्न बाजार मकान संख्या-217 निवासी कैलाश नाथ मोदनवाल की पत्नी प्रमिला देवी का घर वर्तमान काली मंदिर के पीछे उत्तर दिशा में लगभग 150 फीट दूरी पर स्थित है। उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि मां काली मंदिर के संभावित दूर विस्थापन की खबर से उनका मन आहत है। उन्होंने जनभावनाओं और धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए कहा कि यदि उनके निजी भू-भाग पर काली मंदिर की स्थापना की जाती है तो इससे मंदिर को क्षेत्र से विस्थापित होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह अपनी भूमि किसी दबाव या बाध्यता में नहीं बल्कि स्वेच्छा से देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक स्वीकृति और अनुमोदन प्रदान किया जाए। मंदिर के संभावित विस्थापन को लेकर क्षेत्र में पहले से ही लोगों के बीच चिंता और चर्चा का माहौल बना है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु मंदिर को उसके मूल क्षेत्र में बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। ऐसे समय में प्रमिला देवी की जमीन दान करने की पेशकश को महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। उनके साथ लोक निर्माण विभाग कार्यालय गए नगर के समाजसेवी चंद्रभूषण मिश्र और दुर्गेश पांडेय ने इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक सहयोग की मिसाल बताया है। कहा कि यदि इस तरह के प्रयासों से धार्मिक स्थलों को सुरक्षित रखा जा सके और जनभावनाओं का सम्मान हो तो यह समाज के लिए सकारात्मक संदेश होगा।
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