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Chandauli News: फर्जी आधार-पैन बनाकर दूसरे की जमीन का बैनामा कराने का आरोपी गिरफ्तार
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फर्जी दस्तावेज (आधार और पैनकार्ड) के सहारे दूसरे की जमीन का बैनामा कराने के आरोपी मनीष मिश्रा को धानापुर के नरौली मोड़ से पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि कि पुरा चेता दूबे गांव निवासी लक्ष्मीना देवी ने मामले की तहरीर दी थी। वह घर बनाने के लिए जमीन की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान बगल के गांव पुरा सीता निवासी मनीष मिश्रा ने उनसे संपर्क किया और घर के पास ही बिकाऊ जमीन बिकने की जानकारी दी। मनीष मिश्रा ने दावा किया था कि जमीन मालिक उसके संपर्क में हैं और वह आसानी से जमीन का बैनामा करा देगा। उसने दो बिस्वा जमीन की 8.45 लाख हजार रुपये कीमत तय की। इसी साल मार्च में आरोपी ने उनसे 7. 50 लाख रुपये नकद ले लिया। इसके अलावा उनके देवर राहुल कुमार से 95 हजार रुपये ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर कराया। 5 मार्च 2026 को 50 हजार रुपये और 6 मार्च 2026 को 45 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से उसके खाते में भेजे गए थे। रजिस्ट्री के दिन लक्ष्मीना देवी अपने पुत्र शुभम खरवार और गवाह के रूप में अरविंद यादव के साथ सकलडीहा तहसील पहुंचीं। आरोपी ने उनके और उनके देवर राहुल कुमार के नाम एक-एक बिस्वा जमीन का बैनामा कराया दिया। कुछ समय बाद लक्ष्मीना को किसी ने बताया कि जिस व्यक्ति को तहसील में जमीन का मालिक अरशद बताकर प्रस्तुत किया गया था, वह असली मालिक नहीं है। आरोप है कि मनीष मिश्रा ने फर्जी आधार कार्ड और फर्जी पैन कार्ड तैयार कर दूसरे की फोटो लगाकर उसे असली मालिक के रूप में खड़ा कर दिया था। जांच में सामने आया कि जमीन के वास्तविक मालिक को इस पूरे बैनामे और लेन-देन की कोई जानकारी तक नहीं थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के लिए गठित टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और फर्जी व्यक्ति को जमीन मालिक बनाकर पेश करने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे
इस प्रकार का फर्जीवाड़ा अकेले संभव नहीं है। प्रारंभिक जांच में जालसाजी के लिए फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल सामने आया है। ऐसे में पुलिस पूरे नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
इस प्रकार का फर्जीवाड़ा अकेले संभव नहीं है। प्रारंभिक जांच में जालसाजी के लिए फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल सामने आया है। ऐसे में पुलिस पूरे नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
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