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Chandauli News: मुआवजा मंजूर नहीं, व्यापारी करेंगे आंदोलन
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दुलहीपुर में बैठक करते महाबलपुर बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्य। स्रोत:- जागरूक पाठक
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दुलहीपुर। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रस्तावित मुआवजे को लेकर दुकानदारों और भवन स्वामियों में असंतोष है। बृहस्पतिवार को दुल्हीपुर महाबलपुर बचाओ संघर्ष मोर्चा और किसान न्याय मोर्चा की बैठक हुई। इसमें व्यापारियों ने मुआवजा राशि को ऊंट के मुंह में जीरा बताया। कहा कि इससे प्रभावित परिवारों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। यदि उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में मोर्चा के संरक्षक रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन ने भवनों के मुआवजे के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की हैं। आरसीसी भवनों के लिए 20 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, आरबीसी भवनों के लिए 18 हजार, गाटर-पटिया-कड़ी निर्माण के लिए 14 हजार रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। इसी तरह टिनशेड और एस्बेस्टस निर्माण के लिए 12 हजार और कच्चे छप्पर व खपरैल के लिए 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दुल्हीपुर-महाबलपुर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए 13,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा सूची जारी कर दी गई है। यही नहीं, कई दुकानदारों और भू-स्वामियों के नाम अब तक मुआवजा सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। बैठक में तय हुआ कि शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के समक्ष मामला रखा जाएगा। यदि प्रभावित दुकानदारों और भवन स्वामियों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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बैठक में महेंद्र यादव, रतन कुमार श्रीवास्तव, इंद्रजीत शर्मा, डॉ. आरके शर्मा, चितरंजन सोनकर, महेंद्र शर्मा, एडवोकेट नसीम, गोपाल शर्मा, महाबलपुर की प्रधान अर्चना सोनकर परवेज, कुंदन सोनकर आदि मौजूद थे।
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बैठक में मोर्चा के संरक्षक रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन ने भवनों के मुआवजे के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की हैं। आरसीसी भवनों के लिए 20 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, आरबीसी भवनों के लिए 18 हजार, गाटर-पटिया-कड़ी निर्माण के लिए 14 हजार रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। इसी तरह टिनशेड और एस्बेस्टस निर्माण के लिए 12 हजार और कच्चे छप्पर व खपरैल के लिए 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि दुल्हीपुर-महाबलपुर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए 13,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा सूची जारी कर दी गई है। यही नहीं, कई दुकानदारों और भू-स्वामियों के नाम अब तक मुआवजा सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। बैठक में तय हुआ कि शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के समक्ष मामला रखा जाएगा। यदि प्रभावित दुकानदारों और भवन स्वामियों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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बैठक में महेंद्र यादव, रतन कुमार श्रीवास्तव, इंद्रजीत शर्मा, डॉ. आरके शर्मा, चितरंजन सोनकर, महेंद्र शर्मा, एडवोकेट नसीम, गोपाल शर्मा, महाबलपुर की प्रधान अर्चना सोनकर परवेज, कुंदन सोनकर आदि मौजूद थे।