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Chandauli News: गुरु की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया
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इलिया। सैदूपुर कस्बा स्थित राइस मिल परिसर में श्री राम सेवा समिति की ओर से आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को भक्तिमय वातावरण में कथा का आयोजन संपन्न हुआ। कथा वाचिका आचार्या बाल विदुषी पूर्णिमा ने इस दिन गुरु की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए भगवान श्रीराम और उनके तीनों भाइयों के शिक्षा-दीक्षा प्रसंग को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
आचार्या पूर्णिमा जी ने कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने बताया कि गुरु वशिष्ठ के सान्निध्य में भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने वेद-शास्त्र, नीति, धर्म और जीवन के उच्च आदर्शों की शिक्षा प्राप्त की। गुरु वशिष्ठ ने चारों राजकुमारों को न केवल विद्या प्रदान की, बल्कि उन्हें मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन जीने का मार्ग भी दिखाया। कथा के दौरान आचार्या ने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन के बिना जीवन अधूरा है और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए गुरु का आशीर्वाद आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में गुरु के महत्व को समझें और उनके बताए मार्ग पर चलें।
कथा श्रवण के दौरान पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कथा में राधेश्याम द्विवेदी, श्यामजी सिंह, चंदन सेठ, अशोक गुप्ता, भरत लाल गुप्ता, पुन्नू सेठ, सेट सत्यनारायण जायसवाल, शीला गुप्ता, मनोहर केशरी, पूजा वर्मा सहित तमाम श्रोता उपस्थित रहे।
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आचार्या पूर्णिमा जी ने कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने बताया कि गुरु वशिष्ठ के सान्निध्य में भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने वेद-शास्त्र, नीति, धर्म और जीवन के उच्च आदर्शों की शिक्षा प्राप्त की। गुरु वशिष्ठ ने चारों राजकुमारों को न केवल विद्या प्रदान की, बल्कि उन्हें मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन जीने का मार्ग भी दिखाया। कथा के दौरान आचार्या ने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन के बिना जीवन अधूरा है और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए गुरु का आशीर्वाद आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में गुरु के महत्व को समझें और उनके बताए मार्ग पर चलें।
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कथा श्रवण के दौरान पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कथा में राधेश्याम द्विवेदी, श्यामजी सिंह, चंदन सेठ, अशोक गुप्ता, भरत लाल गुप्ता, पुन्नू सेठ, सेट सत्यनारायण जायसवाल, शीला गुप्ता, मनोहर केशरी, पूजा वर्मा सहित तमाम श्रोता उपस्थित रहे।

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