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Chitrakoot News: रानीपुर टाइगर रिजर्व में 50 करोड़ से होंगे विकास कार्य, पर्यटकों को मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:19 AM IST
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चित्रकूट। रानीपुर टाइगर रिजर्व में विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इससे वहां पर वाटर होल का निर्माण, लेनटाना रिमूवल, वॉच टावर सहित अन्य कार्यों का प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। निर्माण कार्य पूरे होने के बाद आने वाले पर्यटकों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी।
शासन ने 50 करोड़ की धनराशि रानीपुर बाघ संरक्षण फाउंडेशन को जारी की है। इसके तहत क्षेत्र के जंगलों की सड़कें, विशेष बाघ संरक्षण बल शिविर, बैरक का निर्माण, चेकडैम, वाटर होल, पेट्रोलिंग कैंपस, वायरलेस सेट, पेट्रोलिंग वाहन, सफारी वाहन खरीदने की योजना है। साथ ही अंग्रेजों के जमाने की बनी पुरानी व जर्जर चौकियों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
इससे कर्मचारी वहां निवास कर आसानी से पेट्रोलिंग कर सकेंगे। सभी कार्य होने के बाद बाघ ही संरक्षित नहीं होंगे, बल्कि टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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बाघ, तेंदुए को नजदीक से देखने का मिलेगा मौका
रानीपुर टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को बाघ और तेंदुओं को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही काले हिरण, गुलदार, जंगली बिल्ली, चौसिंघा और सांभर के साथ भी रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा वाहनों से यहां के धार्मिक स्थल सती अनुसुइया आश्रम, हनुमान धारा और धारकुंडी आश्रम भी जा सकेंगे।
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ईको टूरिज्म पार्क से मिलेगी सुविधा
रानीपुर टाइगर रिजर्व के पास बन रहे ईको टूरिज्म पार्क का निर्माण सात एकड़ भूमि पर किया जाना प्रस्तावित है। 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होना है। यहां आने वाले पर्यटकों को टहलने की सुविधा मिलेगी।
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रानीपुर टाइगर रिजर्व में 50 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होंगे। इससे यहां आने वाले पर्यटकों को नजदीक से जानवरों को देखने की सुविधा मिलेगी। टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
-राजीव रंजन सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी।
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शासन ने 50 करोड़ की धनराशि रानीपुर बाघ संरक्षण फाउंडेशन को जारी की है। इसके तहत क्षेत्र के जंगलों की सड़कें, विशेष बाघ संरक्षण बल शिविर, बैरक का निर्माण, चेकडैम, वाटर होल, पेट्रोलिंग कैंपस, वायरलेस सेट, पेट्रोलिंग वाहन, सफारी वाहन खरीदने की योजना है। साथ ही अंग्रेजों के जमाने की बनी पुरानी व जर्जर चौकियों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
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इससे कर्मचारी वहां निवास कर आसानी से पेट्रोलिंग कर सकेंगे। सभी कार्य होने के बाद बाघ ही संरक्षित नहीं होंगे, बल्कि टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
बाघ, तेंदुए को नजदीक से देखने का मिलेगा मौका
रानीपुर टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को बाघ और तेंदुओं को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही काले हिरण, गुलदार, जंगली बिल्ली, चौसिंघा और सांभर के साथ भी रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा वाहनों से यहां के धार्मिक स्थल सती अनुसुइया आश्रम, हनुमान धारा और धारकुंडी आश्रम भी जा सकेंगे।
ईको टूरिज्म पार्क से मिलेगी सुविधा
रानीपुर टाइगर रिजर्व के पास बन रहे ईको टूरिज्म पार्क का निर्माण सात एकड़ भूमि पर किया जाना प्रस्तावित है। 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होना है। यहां आने वाले पर्यटकों को टहलने की सुविधा मिलेगी।
रानीपुर टाइगर रिजर्व में 50 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होंगे। इससे यहां आने वाले पर्यटकों को नजदीक से जानवरों को देखने की सुविधा मिलेगी। टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
-राजीव रंजन सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी।