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Chitrakoot News: बैलगाड़ी से निकली अनोखी बरात, परंपरा का हुआ निर्वाह
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:10 PM IST
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05 सीकेटीपी-04-बैलगाड़ी में बारात।
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चित्रकूट। जिले में बुधवार को एक अनोखी बरात देखने को मिली, जहां पुरानी परंपराओं को जीवित रखते हुए बैलों से सजी 10 गाड़ियों में बैठकर बरात लोढ़वारा के बनकट स्थित श्याम वाटिका पहुंची। इस दौरान रास्ते भर लोगों ने फूलों की वर्षा कर बरात का स्वागत किया और पुराने समय की यादें ताजा हो गईं।
लोढ़वारा निवासी राम सहाय यादव ने अपने बेटे अंकित यादव की बरात की विदाई पारंपरिक तरीके से कराने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य केवल पुरानी रस्मों को निभाना ही नहीं, बल्कि शादी-ब्याह में होने वाली फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना भी था। राम सहाय के अनुसार, इस तरीके से काफी कम खर्च आया। शुरुआत में कुछ युवा बैलगाड़ी में बैठने से कतरा रहे थे लेकिन बुजुर्गों के बैठने के बाद वे भी इस अनूठी यात्रा का हिस्सा बने।
लोगों ने की सराहना, पुरानी यादें ताजा
बरात के रास्ते में पूर्व प्रधान हरिमोहन यादव, रोहित यादव, दुबारी के पूर्व प्रधान राम मिलन, सूरज यादव, आशीष यादव, राहुल यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बरात पर फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। गेस्ट हाउस में भी बरात का भव्य स्वागत किया गया। इस अनूठी बरात को देखकर लोगों को पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं और हर कोई इसकी चर्चा करता नजर आया। इस पहल ने न केवल एक पुरानी परंपरा को फिर से जीवंत किया, बल्कि फिजूलखर्ची को कम करने का एक अनूठा संदेश भी दिया।
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लोगों ने की सराहना, पुरानी यादें ताजा
बरात के रास्ते में पूर्व प्रधान हरिमोहन यादव, रोहित यादव, दुबारी के पूर्व प्रधान राम मिलन, सूरज यादव, आशीष यादव, राहुल यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बरात पर फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। गेस्ट हाउस में भी बरात का भव्य स्वागत किया गया। इस अनूठी बरात को देखकर लोगों को पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं और हर कोई इसकी चर्चा करता नजर आया। इस पहल ने न केवल एक पुरानी परंपरा को फिर से जीवंत किया, बल्कि फिजूलखर्ची को कम करने का एक अनूठा संदेश भी दिया।