{"_id":"69823ec4b0b7a5c5680d3783","slug":"five-mm-of-rain-and-winds-blowing-at-a-speed-of-12-km-per-hour-increased-the-worries-of-the-farmers-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-126550-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: पांच मिमी बारिश व 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने बढ़ाई किसानों की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: पांच मिमी बारिश व 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने बढ़ाई किसानों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
03 सीकेटीपी-06-सोनेपुर गांव में तेज हवा व बारिश से गिरी गेहूं की फसल। संवाद
विज्ञापन
चित्रकूट। सोमवार रात से बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 24 घंटों में करीब 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और पांच मिमी बारिश ने सरसों, चना और मटर की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। पककर तैयार खड़ी सरसों की फसल के गिरने और फलियां झड़ने से उत्पादन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। गेहूं की फसल भी हवा के दबाव से खेतों में गिर गई है, जिससे दाने की गुणवत्ता खराब होने की आशंका है।
कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष जिले में 1.15 लाख हेक्टेयर भूमि में रबी फसलों की बोआई की गई थी, जिसमें 60 हजार हेक्टेयर गेहूं, 13 हजार हेक्टेयर सरसों, 26 हजार हेक्टेयर चना और 700 हेक्टेयर मटर की खेती शामिल है। मौजूदा मौसम इन सभी फसलों के उत्पादन पर भारी पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने जताई ओलावृष्टि की आशंका
मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी के अनुसार, बुधवार तक मौसम के साफ होने की कोई संभावना नहीं है। अगले 24 घंटों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की भी आशंका है, जिससे फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
सुरवल गांव के किसान सुभाष त्रिपाठी ने बताया कि खेत में पकी सरसों की फसल खड़ी है। शुक्रवार से कटाई का काम शुरू करना था लेकिन बारिश के कारण परेशानी बढ़ा दी है। खेत के बीच में कई जगहों पर फसल गिर गई है। पहले लग रहा था कि चार से पांच क्विंटल सरसों हो जाएगी। अब तीन क्विंटल ही हो जाए तो ठीक है।
चिल्ली मल निवासी किसान आदित्य मिश्रा ने बताया कि पांच दिन पहले ही गेहूं की फसल में सिंचाई किया है। तेज हवा के कारण खेत में खड़ी फसल गिर गई है। रात में तेज हवा के साथ हल्की बारिश शुरू हुई तभी से चिंतित है। आगे बारिश हुई तो इस साल कम उत्पादन की मार खानी पड़ेगी।
-
कोट्स
मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार तक मौसम के साफ होने की कोई संभावना नहीं है। आगामी 24 घंटों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है। इससे फसलों को और नुकसान हो सकता है।
Trending Videos
कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष जिले में 1.15 लाख हेक्टेयर भूमि में रबी फसलों की बोआई की गई थी, जिसमें 60 हजार हेक्टेयर गेहूं, 13 हजार हेक्टेयर सरसों, 26 हजार हेक्टेयर चना और 700 हेक्टेयर मटर की खेती शामिल है। मौजूदा मौसम इन सभी फसलों के उत्पादन पर भारी पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम विभाग ने जताई ओलावृष्टि की आशंका
मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी के अनुसार, बुधवार तक मौसम के साफ होने की कोई संभावना नहीं है। अगले 24 घंटों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की भी आशंका है, जिससे फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
सुरवल गांव के किसान सुभाष त्रिपाठी ने बताया कि खेत में पकी सरसों की फसल खड़ी है। शुक्रवार से कटाई का काम शुरू करना था लेकिन बारिश के कारण परेशानी बढ़ा दी है। खेत के बीच में कई जगहों पर फसल गिर गई है। पहले लग रहा था कि चार से पांच क्विंटल सरसों हो जाएगी। अब तीन क्विंटल ही हो जाए तो ठीक है।
चिल्ली मल निवासी किसान आदित्य मिश्रा ने बताया कि पांच दिन पहले ही गेहूं की फसल में सिंचाई किया है। तेज हवा के कारण खेत में खड़ी फसल गिर गई है। रात में तेज हवा के साथ हल्की बारिश शुरू हुई तभी से चिंतित है। आगे बारिश हुई तो इस साल कम उत्पादन की मार खानी पड़ेगी।
-
कोट्स
मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार तक मौसम के साफ होने की कोई संभावना नहीं है। आगामी 24 घंटों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है। इससे फसलों को और नुकसान हो सकता है।

03 सीकेटीपी-06-सोनेपुर गांव में तेज हवा व बारिश से गिरी गेहूं की फसल। संवाद

03 सीकेटीपी-06-सोनेपुर गांव में तेज हवा व बारिश से गिरी गेहूं की फसल। संवाद

03 सीकेटीपी-06-सोनेपुर गांव में तेज हवा व बारिश से गिरी गेहूं की फसल। संवाद
