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Chitrakoot News: बारिश से बदला मौसम का मिजाज, 6.7 मिमी हुई रिकार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:04 AM IST
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फोटो- 06 खेत में खड़ी सरसों की फसल। संवाद
- फोटो : बहराइच में भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता करते पदाधिकारी।
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-दलहनी फसलों को हो सकता है नुकसान, गेहूं के लिए बताया फायदेमंद
- सुबह से हुई बारिश से सड़कों पर रहा सन्नाटा, दिनचर्या हुई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मंगलवार को बांदा में सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश 6.7 मिमी दर्ज की गई। इस बदलाव से जहां सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं कृषि विशेषज्ञों ने फसलों पर इसके मिले-जुले असर की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहा, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
कृषि एवं प्रौद्याेगिकी विश्वविद्यालय के कृषि एवं मौसम विज्ञानी डॉ. दिनेश शाहा के अनुसार, बदले मौसम से रबी की फसलों में कीट व रोग का प्रकोप बढ़ सकता है। रात का न्यूनतम तापमान गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है लेकिन दलहनी फसलों जैसे मसूर, चना और मटर को कुछ नुकसान की आशंका है। माहू जैसे कीटों का प्रकोप भी हो सकता है।
बोले किसान
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पैलानी के किसान बुद्धराज यादव ने बताया कि ज्यादातर दलहनी और तिलहनी फसलों में फूल चढ़ा हुआ है। ज्यादातर फसलें आधे से ज्यादा पकने की स्थिति में पहुंच रहीं हैं। ऐसे में बारिश से फूल झड़ सकते हैं।
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किसान दिवाकर शुक्ला ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल के लिए फायदा है लेकिन दलहनी फसल मसूर, अरहर, मटर व चने की फसल में तेजी से चढ़ रहे फूल मर जाने से पैदावार में कमी के आसार नजर आ रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मंगलवार को बांदा में सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश 6.7 मिमी दर्ज की गई। इस बदलाव से जहां सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं कृषि विशेषज्ञों ने फसलों पर इसके मिले-जुले असर की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहा, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
कृषि एवं प्रौद्याेगिकी विश्वविद्यालय के कृषि एवं मौसम विज्ञानी डॉ. दिनेश शाहा के अनुसार, बदले मौसम से रबी की फसलों में कीट व रोग का प्रकोप बढ़ सकता है। रात का न्यूनतम तापमान गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है लेकिन दलहनी फसलों जैसे मसूर, चना और मटर को कुछ नुकसान की आशंका है। माहू जैसे कीटों का प्रकोप भी हो सकता है।
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बोले किसान
पैलानी के किसान बुद्धराज यादव ने बताया कि ज्यादातर दलहनी और तिलहनी फसलों में फूल चढ़ा हुआ है। ज्यादातर फसलें आधे से ज्यादा पकने की स्थिति में पहुंच रहीं हैं। ऐसे में बारिश से फूल झड़ सकते हैं।
किसान दिवाकर शुक्ला ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल के लिए फायदा है लेकिन दलहनी फसल मसूर, अरहर, मटर व चने की फसल में तेजी से चढ़ रहे फूल मर जाने से पैदावार में कमी के आसार नजर आ रहे हैं।

फोटो- 06 खेत में खड़ी सरसों की फसल। संवाद- फोटो : बहराइच में भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता करते पदाधिकारी।

फोटो- 06 खेत में खड़ी सरसों की फसल। संवाद- फोटो : बहराइच में भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता करते पदाधिकारी।
