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Chitrakoot News: माघी पूर्णिमा पर धर्मनगरी में उमड़ी आस्था, ठंड में दो लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:15 PM IST
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फोटो 01सीकेटीपी 01 माघी पूर्णिमा पर रामघाट पर मंदाकिनी नदी में स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
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खोही (चित्रकूट)। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर धर्मनगरी में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। ठंड और घने कोहरे की चादर के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार तड़के पवित्र मंदाकिनी नदी के तट पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने ठंड को मात देते हुए मंदाकिनी में आस्था की डुबकी लगाई। बाद में भगवान मत्यगजेंद्र स्वामी पर जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान पूरा वातावरण जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयघोषों से भक्तिमय हो गया। पुरोहितों के अनुसार माघी पूर्णिमा पर करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
वैसे तो हर मास की अमावस्या पर धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थनगरी में आस्था उमड़ती है। रेल, बस समेत निजी संसाधनों से एक दिन पहले ही भीड़ बड़ी संख्या में भक्त धर्मनगरी में पहुंचने लगते हैं और स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। इस बार रविवार को माघी पूर्णिमा रही। इस लिहाज से इस दिन स्नान का अपना अलग महत्व होता है। माघी पूर्णिमा का स्नान करने के लिए एक दिन पहले शनिवार देर शाम से जनपद समेत दूर-दराज से लोगों के आने का दौर शुरू हो गया था।
रविवार भोर ठंड और घने कोहरे का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से मंदाकिनी के घाटों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
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भक्तों ने की कामदगिरि की परिक्रमा, धार्मिक अनुष्ठान भी हुए
पवित्र स्नान और पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं ने कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर अपने धार्मिक अनुष्ठान को पूर्ण किया। इस दौरान भक्तों ने जयश्री राम और हर हर महादेव के जयकारों ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा और धर्मनगरी एक बार फिर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के रंग में रंगी नजर आई।
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वैसे तो हर मास की अमावस्या पर धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थनगरी में आस्था उमड़ती है। रेल, बस समेत निजी संसाधनों से एक दिन पहले ही भीड़ बड़ी संख्या में भक्त धर्मनगरी में पहुंचने लगते हैं और स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। इस बार रविवार को माघी पूर्णिमा रही। इस लिहाज से इस दिन स्नान का अपना अलग महत्व होता है। माघी पूर्णिमा का स्नान करने के लिए एक दिन पहले शनिवार देर शाम से जनपद समेत दूर-दराज से लोगों के आने का दौर शुरू हो गया था।
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रविवार भोर ठंड और घने कोहरे का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से मंदाकिनी के घाटों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
भक्तों ने की कामदगिरि की परिक्रमा, धार्मिक अनुष्ठान भी हुए
पवित्र स्नान और पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं ने कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर अपने धार्मिक अनुष्ठान को पूर्ण किया। इस दौरान भक्तों ने जयश्री राम और हर हर महादेव के जयकारों ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा और धर्मनगरी एक बार फिर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के रंग में रंगी नजर आई।

फोटो 01सीकेटीपी 01 माघी पूर्णिमा पर रामघाट पर मंदाकिनी नदी में स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
