{"_id":"698391191888ffe1bb0d1cdc","slug":"overloaded-vehicles-spoil-the-road-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1003-126594-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: ओवरलोड वाहनों ने सड़क की बिगाड़ी सूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: ओवरलोड वाहनों ने सड़क की बिगाड़ी सूरत
विज्ञापन
विज्ञापन
04 सीकेटीपी -12- बारिश के बाद फिसलन भरी सड़क से निकलते ट्रक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट/राजापुर। सरधुवा क्षेत्र के चांदी गांव को जोड़ने वाली सड़क ओवरलोड वाहनों के कारण पूरी तरह से जर्जर हो गई है। सड़क से डामर का नामोनिशान मिट चुका है, जिससे एंबुलेंस और निजी वाहनों का आवागमन भी दूभर हो गया है। बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है, जिससे राहगीरों को भारी फिसलन का सामना करना पड़ रहा है और बाइक सवार गिर रहे हैं।
बालू खनन से बदतर होती सड़कें यमुना नदी में धड़ल्ले से चल रहे बालू खनन के कारण घाटों से ही ओवरलोड वाहन बालू भरकर दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन अनियंत्रित वाहनों ने सड़कों की सूरत बिगाड़ दी है। अब तो सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं, फिर भी कई गांवों के लोग मजबूरी में इन्हीं रास्तों से आवागमन कर रहे हैं।
सबसे बड़ी समस्या तब उत्पन्न होती है जब कोई बीमार या दुर्घटनाग्रस्त होता है, तब समय पर एंबुलेंस पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है। मंगलवार को हुई बारिश ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं। ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है, वहीं बाइक सवारों को फिसलने का खतरा सता रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं।
किसानों की बर्बाद हो रही फसलें बालू लदे ओवरलोड वाहनों के कारण रास्ते के किनारे लगी किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो रही हैं। किसान अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं कि यदि यही हाल रहा तो उनके पास खाने के लिए एक दाना भी नहीं बचेगा। उनकी शिकायतों पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
बोले जिम्मेदार
ओवर लोड़ वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। खनन संचालक से बातचीत कर किसानों को फसलों को मुआवजा दिलाया जाएगा। फूलचंद्र यादव, एसडीएम राजापुर ।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट/राजापुर। सरधुवा क्षेत्र के चांदी गांव को जोड़ने वाली सड़क ओवरलोड वाहनों के कारण पूरी तरह से जर्जर हो गई है। सड़क से डामर का नामोनिशान मिट चुका है, जिससे एंबुलेंस और निजी वाहनों का आवागमन भी दूभर हो गया है। बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है, जिससे राहगीरों को भारी फिसलन का सामना करना पड़ रहा है और बाइक सवार गिर रहे हैं।
बालू खनन से बदतर होती सड़कें यमुना नदी में धड़ल्ले से चल रहे बालू खनन के कारण घाटों से ही ओवरलोड वाहन बालू भरकर दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन अनियंत्रित वाहनों ने सड़कों की सूरत बिगाड़ दी है। अब तो सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं, फिर भी कई गांवों के लोग मजबूरी में इन्हीं रास्तों से आवागमन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे बड़ी समस्या तब उत्पन्न होती है जब कोई बीमार या दुर्घटनाग्रस्त होता है, तब समय पर एंबुलेंस पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है। मंगलवार को हुई बारिश ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं। ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है, वहीं बाइक सवारों को फिसलने का खतरा सता रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं।
किसानों की बर्बाद हो रही फसलें बालू लदे ओवरलोड वाहनों के कारण रास्ते के किनारे लगी किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो रही हैं। किसान अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं कि यदि यही हाल रहा तो उनके पास खाने के लिए एक दाना भी नहीं बचेगा। उनकी शिकायतों पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
बोले जिम्मेदार
ओवर लोड़ वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। खनन संचालक से बातचीत कर किसानों को फसलों को मुआवजा दिलाया जाएगा। फूलचंद्र यादव, एसडीएम राजापुर ।