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Chitrakoot News: यूजीसी बिल पर रोक से एससी-एसटी, ओबीसी संगठनों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:09 PM IST
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05 सीकेटीपी-05-पटेल तिराहे के पास प्रदर्शन करते संगठन के लोग। संवाद
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चित्रकूट। उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय और समानता की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को एससी, एसटी व ओबीसी संगठनों ने कचहरी से तहसील तक प्रदर्शन किया। संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यूजीसी बिल के समर्थन में किए जा रहे प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 जनवरी को लगाई गई रोक बहुजन समाज के लिए आहत करने वाली है।
आभास महासंघ चित्रकूट के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार सनेही ने बताया कि 13 जनवरी को शासन द्वारा लाया गया यूजीसी कानून बहुजन समाज के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। यह कानून देश के वंचित वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षा में बराबरी का अधिकार दिलाने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रभुत्ववादी सोच वाले लोग इस कानून का असंवैधानिक विरोध कर रहे हैं। समाजसेवी जानकी शरण प्रजापति ने कहा कि यूजीसी बिल पर रोक वंचित समाज के हक और अधिकारों पर कुठाराघात है। भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की गारंटी देता है, लेकिन बिल पर रोक से इन संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी को सौंपा। उन्होंने मांग की कि यूजीसी बिल को तत्काल लागू किया जाए। प्रदर्शन के दौरान यूजीसी बिल के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की गई और सरकार से इसे शीघ्र लागू करने की मांग उठाई गई। इस मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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आभास महासंघ चित्रकूट के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार सनेही ने बताया कि 13 जनवरी को शासन द्वारा लाया गया यूजीसी कानून बहुजन समाज के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। यह कानून देश के वंचित वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षा में बराबरी का अधिकार दिलाने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रभुत्ववादी सोच वाले लोग इस कानून का असंवैधानिक विरोध कर रहे हैं। समाजसेवी जानकी शरण प्रजापति ने कहा कि यूजीसी बिल पर रोक वंचित समाज के हक और अधिकारों पर कुठाराघात है। भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की गारंटी देता है, लेकिन बिल पर रोक से इन संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया गया है।
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प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी को सौंपा। उन्होंने मांग की कि यूजीसी बिल को तत्काल लागू किया जाए। प्रदर्शन के दौरान यूजीसी बिल के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की गई और सरकार से इसे शीघ्र लागू करने की मांग उठाई गई। इस मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।