{"_id":"69c579e8534134d5fb0067af","slug":"shri-ram-shaiya-will-be-improved-with-rs-171-crore-facilities-will-be-sparkling-chitrakoot-news-c-215-1-aur1007-128842-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: 1.71 करोड़ से संवरेगा श्री राम शैया, चकाचक होंगी सहूलियतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: 1.71 करोड़ से संवरेगा श्री राम शैया, चकाचक होंगी सहूलियतें
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
फोटो 26 सीकेटीपी 08 खोही स्थित श्रीराम शैया, इसी चट्टान प्रभु श्रीराम व मां सीता ने किया था व
विज्ञापन
चित्रकूट। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोभूमि में स्थित श्रीराम शैया जल्द ही नए रूप में दिखेगी। इसे संवारने के लिए पर्यटन विभाग यहां पर विकास कार्य तो कराएगा। साथ ही, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बुनियादी सुविधाओं को भी सुसज्जित करेगा। इस पर करीब 1.71 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। 25 लाख की पहली किस्त भी मिल गई है।
यह स्थल प्रभु श्रीराम की उपस्थिति का एक सजीव प्रमाण माना जाता है। गोस्वामी तुलसीदास की रामचरित मानस में भी इसका उल्लेख मिलता है। वनवास काल के 14 वर्षों में से प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने सर्वाधिक 11 वर्ष छह माह चित्रकूट में ही बिताए थे। कामदगिरि पर्वत से करीब 10 किमी दूर एक चट्टान पर प्रभु श्रीराम ने रात में विश्राम किया था।
इस चट्टान पर आज भी प्रभु श्रीराम और माता सीता के विश्राम चिह्न व धनुष चिह्न आज भी सही सलामत हैं। इसी स्थान को श्रीराम शैया के नाम से जाना जाता है। इस आध्यात्मिक स्थल के दर्शन करने के लिए दूर-दराज से रोजाना यहां श्रद्धालु आते हैं। राम शैया मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह स्थान साक्षात प्रभु श्रीराम की मौजूदगी का एहसास कराता है।
मान्यता है कि भगवान श्रीराम आज भी हर रात यहां विश्राम करने आते हैं। चट्टान पर बने पदचिह्नों के दर्शन करने से भक्तों को मोक्ष मिलता है और उनका जीवन सफल हो जाता है। अब इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल को पर्यटन विभाग नया रूप देगा। इससे चित्रकूट की समृद्ध विरासत को और निखारेगा।
श्रीराम शैया में ये होंगे विकास
इस परियोजना में श्रीराम शैया पर बहुउद्देश्यीय हॉल बनेगा। इस पर करीब 57.46 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। 22.67 से यात्री शेड और 14.11 लाख से महिला और पुरुष के शौचालय ब्लॉक निर्मित होंगे। इसी प्रकार धार्मिक स्थल पर भव्य स्वागत द्वार का निर्माण होगा। इस पर 11.43 लाख रुपये खर्च होंगे। फर्श पर 5.84 लाख से कोटा स्टोन पत्थर व 5.65 लाख से पेवर ब्लॉक बनाया जाएगा।
3.16 लाख पत्थर पर म्यूरल आर्ट कार्य होंगे। 3.95 लाख रुपये से विद्युतीकरण कराया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों के बैठने के लिए परिसर में फैंसी बेंच, पेयजल के लिए वॉटर कूलर भी लगाया जाएगा। स्वच्छता के लिए डस्टबिन भी जगह-जगह रखे जाएंगे। हरियाली के लिए वहां पर पौधरोपण भी कराया जाएगा। शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को सौंपी है।
बोले जिम्मेदार-- -
अब श्रीराम शैया का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से मंजूरी मिल गई। पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये अवमुक्त हो गए हैं। जल्द ही वहां पर काम शुरू कराए जाएंगे।
पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।
Trending Videos
यह स्थल प्रभु श्रीराम की उपस्थिति का एक सजीव प्रमाण माना जाता है। गोस्वामी तुलसीदास की रामचरित मानस में भी इसका उल्लेख मिलता है। वनवास काल के 14 वर्षों में से प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने सर्वाधिक 11 वर्ष छह माह चित्रकूट में ही बिताए थे। कामदगिरि पर्वत से करीब 10 किमी दूर एक चट्टान पर प्रभु श्रीराम ने रात में विश्राम किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस चट्टान पर आज भी प्रभु श्रीराम और माता सीता के विश्राम चिह्न व धनुष चिह्न आज भी सही सलामत हैं। इसी स्थान को श्रीराम शैया के नाम से जाना जाता है। इस आध्यात्मिक स्थल के दर्शन करने के लिए दूर-दराज से रोजाना यहां श्रद्धालु आते हैं। राम शैया मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह स्थान साक्षात प्रभु श्रीराम की मौजूदगी का एहसास कराता है।
मान्यता है कि भगवान श्रीराम आज भी हर रात यहां विश्राम करने आते हैं। चट्टान पर बने पदचिह्नों के दर्शन करने से भक्तों को मोक्ष मिलता है और उनका जीवन सफल हो जाता है। अब इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल को पर्यटन विभाग नया रूप देगा। इससे चित्रकूट की समृद्ध विरासत को और निखारेगा।
श्रीराम शैया में ये होंगे विकास
इस परियोजना में श्रीराम शैया पर बहुउद्देश्यीय हॉल बनेगा। इस पर करीब 57.46 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। 22.67 से यात्री शेड और 14.11 लाख से महिला और पुरुष के शौचालय ब्लॉक निर्मित होंगे। इसी प्रकार धार्मिक स्थल पर भव्य स्वागत द्वार का निर्माण होगा। इस पर 11.43 लाख रुपये खर्च होंगे। फर्श पर 5.84 लाख से कोटा स्टोन पत्थर व 5.65 लाख से पेवर ब्लॉक बनाया जाएगा।
3.16 लाख पत्थर पर म्यूरल आर्ट कार्य होंगे। 3.95 लाख रुपये से विद्युतीकरण कराया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों के बैठने के लिए परिसर में फैंसी बेंच, पेयजल के लिए वॉटर कूलर भी लगाया जाएगा। स्वच्छता के लिए डस्टबिन भी जगह-जगह रखे जाएंगे। हरियाली के लिए वहां पर पौधरोपण भी कराया जाएगा। शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को सौंपी है।
बोले जिम्मेदार
अब श्रीराम शैया का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से मंजूरी मिल गई। पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये अवमुक्त हो गए हैं। जल्द ही वहां पर काम शुरू कराए जाएंगे।
पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।