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Chitrakoot News: तीन मंजिला भवन में कोचिंग सेंटर तो बेसमेंट में गारमेंट व शूज की दुकान
Sun, 28 Jun 2026 10:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 28 Jun 2026 10:58 PM IST
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चित्रकूट। जिले में कई कोचिंग सेंटर और बेसमेंट में चल रही दुकानें अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। लखनऊ की घटना के बावजूद यहां लापरवाही जारी है, जिससे छात्रों और ग्राहकों की जान जोखिम में है। प्रशासन ने जांच अभियान शुरू किया है।
शहर के धनुष चौराहे के पास स्थित एक आवासीय भवन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। भवन की तीसरी मंजिल पर कंप्यूटर कोचिंग सेंटर का संचालन हो रहा है। इस भवन में छात्रों के आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता है। यहां आग बुझाने के साधन और अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है। सदर सड़क पर बेसमेंट में एक गारमेंट दुकान और झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक जूते की दुकान भी बिना सुरक्षा इंतजामों के चल रही है। कोई अनहोनी होने पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है। जिले में केवल आठ कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं। कई अन्य बिना पंजीकरण, फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र या भवन मंजूरी के संचालित हो रहे हैं।
अग्निशमन विभाग के प्रभारी अधिकारी पवन त्यागी ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर कोचिंग सेंटरों और प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। खामियां मिलने पर नोटिस दिए जा रहे हैं, जिसमें आग बुझाने के यंत्र और पर्याप्त निकास मार्ग बनाने को कहा गया है। जांच का दायरा आगे भी बढ़ाया जाएगा।
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शहर के धनुष चौराहे के पास स्थित एक आवासीय भवन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। भवन की तीसरी मंजिल पर कंप्यूटर कोचिंग सेंटर का संचालन हो रहा है। इस भवन में छात्रों के आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता है। यहां आग बुझाने के साधन और अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है। सदर सड़क पर बेसमेंट में एक गारमेंट दुकान और झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक जूते की दुकान भी बिना सुरक्षा इंतजामों के चल रही है। कोई अनहोनी होने पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है। जिले में केवल आठ कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं। कई अन्य बिना पंजीकरण, फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र या भवन मंजूरी के संचालित हो रहे हैं।
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अग्निशमन विभाग के प्रभारी अधिकारी पवन त्यागी ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर कोचिंग सेंटरों और प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। खामियां मिलने पर नोटिस दिए जा रहे हैं, जिसमें आग बुझाने के यंत्र और पर्याप्त निकास मार्ग बनाने को कहा गया है। जांच का दायरा आगे भी बढ़ाया जाएगा।
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