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Deoria News: अधिमास खत्म होने के साथ मांगलिक कार्य शुरू, सज गए बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:04 AM IST
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ऑनलाइन खरीदारी से बिक्री पर असर की दुकानदार जता रहे आशंका
देवरिया। अधिमास सोमवार को समाप्त हो गया। मंगलवार से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। तिलक-विवाह के लिए लोग सामान की खरीदारी के लिए बाजार आने वाले हैं। इसको लेकर व्यापारियों ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। कपड़े, बर्तन, ज्वेलरी की दुकानें नए डिजाइनों से सज चुकी हैं। फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों ने विशेष ऑफर निकाले हैं।
शहर के मालवीय रोड, सिविल लाइन, स्टेशन रोड, सर्राफा बाजार, रुद्रपुर रोड और प्रमुख कस्बों सलेमपुर, बरहज, भाटपाररानी, गौरीबाजार और रुद्रपुर के बाजारों में दुकानदारों ने लग्न को देखते हुए तैयारी कर ली है। हालांकि व्यापारियों को उम्मीद के मुताबिक शुरूआत नहीं दिख रही है। सोमवार को बाजार में चहल पहल कम दिखी। व्यापारियों का कहना था कि पहले लगन शुरू होते ही भीड़ बढ़ जाती थी। बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी। कपड़ा दुकानों, ज्वेलरी शोरूम, कॉस्मेटिक दुकानों और फर्नीचर प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें दिखाई देती थीं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए शहर पहुंचते थे।
लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। लोग बाजारों में आ तो रहे हैं, लेकिन खरीदारी सीमित कर रहे हैं। पहले जहां पूरा परिवार खरीदारी के लिए निकलता था, अब केवल जरूरी सामान लेने पर ही ध्यान दिया जा रहा है। कई लोग कीमतों की जानकारी लेकर वापस लौट जा रहे हैं और खरीदारी को टाल रहे हैं।
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व्यापारियों और ग्राहकों दोनों का मानना है कि बाजारों में कम रौनक की सबसे बड़ी वजह बढ़ती महंगाई है। पिछले एक वर्ष में सोना-चांदी, कपड़े, खाद्य सामग्री, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सजावटी सामानों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बढ़ती कीमतों ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। लोग अब खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। कई परिवारों ने शादी समारोह को सादगीपूर्ण बनाने का निर्णय लिया है।
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लोग जरूरत के अनुसार कर रहे खरीदारी
मालवीय रोड के व्यापारी हरिओम ने बताया कि पिछले वर्ष लगन शुरू होते ही दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। इस बार ग्राहक आ रहे हैं लेकिन खरीदारी कम कर रहे हैं। पहले लोग चार-पांच जोड़ी कपड़े लेते थे, अब दो या तीन जोड़ी में काम चला रहे हैं। लहंगा, साड़ी, सूट और शेरवानी की कीमतों में हुई वृद्धि का भी असर दिखाई दे रहा है। लेकिन इसकी बहुत बड़ी वजह ऑनलाइन खरीदारी भी है। सराफा व्यापारी अनूप बर्नवाल का कहना है कि ग्राहक आभूषण देख रहे हैं लेकिन खरीदारी सोच-समझकर कर रहे हैं। पहले जहां भारी हार, कंगन और अन्य आभूषण खरीदे जाते थे, अब लोग हल्के वजन के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ परिवार पुराने गहनों को पॉलिश या री-डिजाइन कराकर उपयोग में ला रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विक्रेता जनार्दन ने बताया कि फ्रिज, वाशिंग मशीन, एलईडी टीवी, कूलर और अन्य घरेलू उपकरणों की बिक्री भी विवाह सीजन में बढ़ती है। लेकिन इस बार इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक बजट देखकर खरीदारी कर रहे हैं। कई ग्राहक महंगे मॉडल की जगह किफायती विकल्प चुन रहे हैं। कुछ लोग खरीदारी को बाद के लिए टाल रहे हैं।
देवरिया। अधिमास सोमवार को समाप्त हो गया। मंगलवार से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। तिलक-विवाह के लिए लोग सामान की खरीदारी के लिए बाजार आने वाले हैं। इसको लेकर व्यापारियों ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। कपड़े, बर्तन, ज्वेलरी की दुकानें नए डिजाइनों से सज चुकी हैं। फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों ने विशेष ऑफर निकाले हैं।
शहर के मालवीय रोड, सिविल लाइन, स्टेशन रोड, सर्राफा बाजार, रुद्रपुर रोड और प्रमुख कस्बों सलेमपुर, बरहज, भाटपाररानी, गौरीबाजार और रुद्रपुर के बाजारों में दुकानदारों ने लग्न को देखते हुए तैयारी कर ली है। हालांकि व्यापारियों को उम्मीद के मुताबिक शुरूआत नहीं दिख रही है। सोमवार को बाजार में चहल पहल कम दिखी। व्यापारियों का कहना था कि पहले लगन शुरू होते ही भीड़ बढ़ जाती थी। बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी। कपड़ा दुकानों, ज्वेलरी शोरूम, कॉस्मेटिक दुकानों और फर्नीचर प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें दिखाई देती थीं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए शहर पहुंचते थे।
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लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। लोग बाजारों में आ तो रहे हैं, लेकिन खरीदारी सीमित कर रहे हैं। पहले जहां पूरा परिवार खरीदारी के लिए निकलता था, अब केवल जरूरी सामान लेने पर ही ध्यान दिया जा रहा है। कई लोग कीमतों की जानकारी लेकर वापस लौट जा रहे हैं और खरीदारी को टाल रहे हैं।
व्यापारियों और ग्राहकों दोनों का मानना है कि बाजारों में कम रौनक की सबसे बड़ी वजह बढ़ती महंगाई है। पिछले एक वर्ष में सोना-चांदी, कपड़े, खाद्य सामग्री, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सजावटी सामानों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बढ़ती कीमतों ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। लोग अब खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। कई परिवारों ने शादी समारोह को सादगीपूर्ण बनाने का निर्णय लिया है।
लोग जरूरत के अनुसार कर रहे खरीदारी
मालवीय रोड के व्यापारी हरिओम ने बताया कि पिछले वर्ष लगन शुरू होते ही दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। इस बार ग्राहक आ रहे हैं लेकिन खरीदारी कम कर रहे हैं। पहले लोग चार-पांच जोड़ी कपड़े लेते थे, अब दो या तीन जोड़ी में काम चला रहे हैं। लहंगा, साड़ी, सूट और शेरवानी की कीमतों में हुई वृद्धि का भी असर दिखाई दे रहा है। लेकिन इसकी बहुत बड़ी वजह ऑनलाइन खरीदारी भी है। सराफा व्यापारी अनूप बर्नवाल का कहना है कि ग्राहक आभूषण देख रहे हैं लेकिन खरीदारी सोच-समझकर कर रहे हैं। पहले जहां भारी हार, कंगन और अन्य आभूषण खरीदे जाते थे, अब लोग हल्के वजन के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ परिवार पुराने गहनों को पॉलिश या री-डिजाइन कराकर उपयोग में ला रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विक्रेता जनार्दन ने बताया कि फ्रिज, वाशिंग मशीन, एलईडी टीवी, कूलर और अन्य घरेलू उपकरणों की बिक्री भी विवाह सीजन में बढ़ती है। लेकिन इस बार इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक बजट देखकर खरीदारी कर रहे हैं। कई ग्राहक महंगे मॉडल की जगह किफायती विकल्प चुन रहे हैं। कुछ लोग खरीदारी को बाद के लिए टाल रहे हैं।