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Deoria News: ट्राॅमा सेंटर के हस्तांतरण की मियाद पूरी, फायर एनओसी बनी बाधा
Sat, 01 Aug 2026 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:57 PM IST
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ट्राॅमा सेंटर का भवन।
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज परिसर में बने ट्राॅमा सेंटर का हस्तांतरण जुलाई माह बीत जाने के बाद भी नहीं हो सका है।
डीएम ने कार्यदायी संस्था को 31 जुलाई तक हस्तांतरण के लिए अंतिम डेट लाइन दी थी। अब अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी न मिल पाना इसके हस्तांतरण में मुख्य रोड़ा बना हुआ है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा फायर एनओसी उपलब्ध कराए जाने के बाद ही वह इमारत को अपने कब्जे में लेगा।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कराया गया है। इसको जुलाई के अंत तक मेडिकल काॅलेज प्रशासन को हैंडओवर किया जाना था।
इसके बावजूद एक अगस्त तक ट्राॅमा सेंटर को फायर एनओसी नहीं मिली थी। इसके चलते काॅलेज प्रशासन इसके हैंडओवर को तैयार नहीं है। काॅलेज प्रशासन ने ट्राॅमा सेंटर में बेड, मॉनिटर, आॅक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था कर दी है।
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सूत्रों की मानें तो जैसे ही एनओसी मिल जाएगी, मेडिकल काॅलेज प्रशासन ग्राउंड फ्लोर का हस्तांतरण कर लेगा। इसके बाद आपातकालीन मरीजों को बाहर रेफर नहीं करना पड़ेगा। उनका यहीं पर इलाज हो जाएगा।
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डीएम ने कार्यदायी संस्था को 31 जुलाई तक हस्तांतरण के लिए अंतिम डेट लाइन दी थी। अब अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी न मिल पाना इसके हस्तांतरण में मुख्य रोड़ा बना हुआ है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा फायर एनओसी उपलब्ध कराए जाने के बाद ही वह इमारत को अपने कब्जे में लेगा।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कराया गया है। इसको जुलाई के अंत तक मेडिकल काॅलेज प्रशासन को हैंडओवर किया जाना था।
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इसके बावजूद एक अगस्त तक ट्राॅमा सेंटर को फायर एनओसी नहीं मिली थी। इसके चलते काॅलेज प्रशासन इसके हैंडओवर को तैयार नहीं है। काॅलेज प्रशासन ने ट्राॅमा सेंटर में बेड, मॉनिटर, आॅक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था कर दी है।
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सूत्रों की मानें तो जैसे ही एनओसी मिल जाएगी, मेडिकल काॅलेज प्रशासन ग्राउंड फ्लोर का हस्तांतरण कर लेगा। इसके बाद आपातकालीन मरीजों को बाहर रेफर नहीं करना पड़ेगा। उनका यहीं पर इलाज हो जाएगा।