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Deoria News: प्रधान का अधिकार सीज, तीन सदस्यीय कमेटी करेगी संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 06 Apr 2026 01:14 AM IST
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भवानीगंज। डुमरियागंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत वासा चक में चार विकास कार्यों में 7.66 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया गया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने ग्राम पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठन करने के निर्देश दिए हैं। तीन सदस्यीय कमेटी के चयन के लिए खंड विकास अधिकारी की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ग्राम वासा चक निवासी अदनान अहमद ने जिलाधिकारी को ग्राम पंचायत में मनरेगा परियोजना के चार कार्यों में फर्जी भुगतान की शिकायत की गई थी। इस क्रम में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय टीम गठित कर जांच कराई। जिला कृषि रक्षा अधिकारी और सहायक अभियंता डीआरडीए की ओर से चार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण व अभिलेखों का सत्यापन किया गया, जिसमें 7,66,119 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। टीम की ओर से सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने ग्राम प्रधान को पंचायती राज एक्ट में कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके स्पष्टीकरण में किसी भी साक्ष्य को प्रस्तुत न करने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। ग्राम प्रधान के वित्तीय प्रशासनिक शक्तियों पर रोक लगाते हुए परियोजना निदेशक को जांच अधिकारी के रूप में नामित किया गया।
जिलाधिकारी की ओर से खंड विकास अधिकारी डुमरियागंज को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत के संचालन के लिए ग्राम पंचायत में निर्वाचित सभी सदस्यों में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। साथ ही तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव पर कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है। वर्तमान सचिव पर कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को निर्देशित दिए गए हैं।
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ग्राम वासा चक निवासी अदनान अहमद ने जिलाधिकारी को ग्राम पंचायत में मनरेगा परियोजना के चार कार्यों में फर्जी भुगतान की शिकायत की गई थी। इस क्रम में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय टीम गठित कर जांच कराई। जिला कृषि रक्षा अधिकारी और सहायक अभियंता डीआरडीए की ओर से चार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण व अभिलेखों का सत्यापन किया गया, जिसमें 7,66,119 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। टीम की ओर से सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने ग्राम प्रधान को पंचायती राज एक्ट में कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके स्पष्टीकरण में किसी भी साक्ष्य को प्रस्तुत न करने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। ग्राम प्रधान के वित्तीय प्रशासनिक शक्तियों पर रोक लगाते हुए परियोजना निदेशक को जांच अधिकारी के रूप में नामित किया गया।
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जिलाधिकारी की ओर से खंड विकास अधिकारी डुमरियागंज को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत के संचालन के लिए ग्राम पंचायत में निर्वाचित सभी सदस्यों में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। साथ ही तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव पर कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है। वर्तमान सचिव पर कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को निर्देशित दिए गए हैं।