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Deoria News: शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर 40 अधिकारियों का वेतन रोका
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:55 AM IST
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देवरिया। जन शिकायतों के निस्तारण में खराब प्रदर्शन करने वाले 39 विभागों के अधिकारियों का डीएम दिव्या मित्तल ने मार्च का वेतन रोकने का आदेश दिया है। डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करें, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
डीएम कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार फरवरी 2026 के प्रदर्शन की समीक्षा में कई विभागों का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। शिकायतों के निस्तारण, फीडबैक और शिकायतकर्ता से संपर्क के मानकों पर कई अधिकारियों का प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसके कारण जनपद की रैंकिंग प्रदेश में खराब जनपदों में आ गई है।
समीक्षा में सामने आया कि अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग के पास कुल 85 शिकायतें दर्ज थीं, जिनमें से 40 का ही संतुष्ट फीडबैक मिला। बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी तरकुलवा, देवरिया सदर, बनकटा और भटनी के कार्यों की समीक्षा में भी शिकायतों के निस्तारण और संतुष्ट फीडबैक का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम मिला। इसके अलावा पंचायत राज, कृषि, बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के अधिकारियों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे हैं। कई अन्य विभागों में भी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति कमजोर पाई गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं बल्कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना जरूरी है। जिलाधिकारी ने पत्र में कहा है कि संबंधित अधिकारियों को पूर्व में भी कई बार बैठक और समीक्षा के दौरान शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए चेतावनी जारी की गई है।
डीएम ने निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता से संपर्क कर संतुष्ट फीडबैक प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मार्च 2026 के मूल्यांकन में भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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डीएम कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार फरवरी 2026 के प्रदर्शन की समीक्षा में कई विभागों का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। शिकायतों के निस्तारण, फीडबैक और शिकायतकर्ता से संपर्क के मानकों पर कई अधिकारियों का प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसके कारण जनपद की रैंकिंग प्रदेश में खराब जनपदों में आ गई है।
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समीक्षा में सामने आया कि अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग के पास कुल 85 शिकायतें दर्ज थीं, जिनमें से 40 का ही संतुष्ट फीडबैक मिला। बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी तरकुलवा, देवरिया सदर, बनकटा और भटनी के कार्यों की समीक्षा में भी शिकायतों के निस्तारण और संतुष्ट फीडबैक का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम मिला। इसके अलावा पंचायत राज, कृषि, बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के अधिकारियों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे हैं। कई अन्य विभागों में भी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति कमजोर पाई गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं बल्कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना जरूरी है। जिलाधिकारी ने पत्र में कहा है कि संबंधित अधिकारियों को पूर्व में भी कई बार बैठक और समीक्षा के दौरान शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए चेतावनी जारी की गई है।
डीएम ने निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता से संपर्क कर संतुष्ट फीडबैक प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मार्च 2026 के मूल्यांकन में भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।