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Deoria News: शिक्षकों की कमी मूल्यांकन में मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:34 AM IST
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सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपी के मूल्यांकन में शिक्षकों की गैरहाजिरी भारी पड़ने वाली है। 920 शिक्षक ड्यूटी लगने के बाद से ही गैरहाजिर चल रहे हैं। ऐसे में कॉपी के मूल्यांकन तय समय पर पूरा होने पर ग्रहण लग सकता है। माना जा रहा है कि विभाग की ओर से इन्हें नोटिस जारी की जा सकती है। हालांकि, अभी तक नोटिस जारी नहीं हुआ है।
जिले के तीन केंद्रों पर यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपी का मूल्यांकन चल रहा है। जिले में कुल 3,38,937 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए प्राप्त हुई हैं, जिनमें मंगलवार तक 44,077 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका। सबसे बड़ी समस्या परीक्षकों की अनुपस्थिति रही, जहां कुल 920 परीक्षक ड्यूटी से नदारद रह रहे हैं। 18 मार्च से मूल्यांकन शुरु हुआ है, जिसे एक अप्रैल तक पूरा किया जाना है। लेकिन, एक हजार के करीब शिक्षक पहले ही दिन से नहीं आ रहे हैं। ऐसे में तय समय पर मूल्यांकन पूरा होना कठिन लग रहा है। विभाग के जुड़े लोगों के मुताबिक पिछले साल की तरह से गैरहाजिर चलने वालों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी हो सकता है। फिलहाल अभी तक अधिकारी यह कह रहे हैं कि तय समय पर पूरा हो जाएगा।
वहीं, विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि मूल्यांकन कार्य में प्राइवेट विद्यालय के शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन बहुत से ऐसे विद्यालय हैं जो अपने शिक्षकों को या तो मूल्यांकन के लिए छोड़ नहीं रहे हैं या कुछ अध्यापक स्वयं ही नहीं आना चाहते हैं। यह सरकार के आदेशों की गंभीर अवहेलना है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ अध्यापकों ने बताया कि प्रधानाचार्य और प्रबंधक के दबाव में मूल्यांकन कार्य करने नहीं आ पा रहे हैं। इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि कॉपी का मूल्यांकन चल रहा है। समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
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जिले के तीन केंद्रों पर यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपी का मूल्यांकन चल रहा है। जिले में कुल 3,38,937 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए प्राप्त हुई हैं, जिनमें मंगलवार तक 44,077 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका। सबसे बड़ी समस्या परीक्षकों की अनुपस्थिति रही, जहां कुल 920 परीक्षक ड्यूटी से नदारद रह रहे हैं। 18 मार्च से मूल्यांकन शुरु हुआ है, जिसे एक अप्रैल तक पूरा किया जाना है। लेकिन, एक हजार के करीब शिक्षक पहले ही दिन से नहीं आ रहे हैं। ऐसे में तय समय पर मूल्यांकन पूरा होना कठिन लग रहा है। विभाग के जुड़े लोगों के मुताबिक पिछले साल की तरह से गैरहाजिर चलने वालों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी हो सकता है। फिलहाल अभी तक अधिकारी यह कह रहे हैं कि तय समय पर पूरा हो जाएगा।
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वहीं, विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि मूल्यांकन कार्य में प्राइवेट विद्यालय के शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन बहुत से ऐसे विद्यालय हैं जो अपने शिक्षकों को या तो मूल्यांकन के लिए छोड़ नहीं रहे हैं या कुछ अध्यापक स्वयं ही नहीं आना चाहते हैं। यह सरकार के आदेशों की गंभीर अवहेलना है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ अध्यापकों ने बताया कि प्रधानाचार्य और प्रबंधक के दबाव में मूल्यांकन कार्य करने नहीं आ पा रहे हैं। इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि कॉपी का मूल्यांकन चल रहा है। समय पर पूरा कर लिया जाएगा।