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Deoria News: बाल गृह से भागा बालक लाया गया था कुशीनगर से
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:14 AM IST
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देवरिया। राजकीय बालगृह (बालक) से भागा बालक कुशीनगर से लाया गया था। तब उसने अपना पता दिल्ली का बताया था। आने के करीब 20 दिन बाद ही वह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भाग गया। पुलिस अब उसे ढूंढ़ रही है।
कुशीनगर नगर पुलिस ने 27 मई को एक लावारिस बालक को लाकर राजकीय बालगृह बालक में सौंप दिया था। इसके बाद बालगृह में बालक से उसके बारे में काउंसलर के माध्यम और अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। बालक ने अपना पता दिल्ली बताया था। इस दौरान उसने दिल्ली के दो थाना क्षेत्रों का नाम लिया था। इससे उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई थी।
बालगृह के अधिकारी बालक के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच मंगलवार की रात करीब आठ बजे वह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भाग गया। इसकी जानकारी भोजन के बाद हुई गिनती में सामने आई। इसके बाद सुरक्षाकर्मी और स्टॉफ परिसर में चारों ओर बालक को ढूंढ़ने में जुट गए।
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एक टीम को रेलवे स्टेशन और दूसरी टीम को रोडवेज बाइक से भेजा गया। दोनों जगहों पर बालक नहीं मिला। इसके बाद शहर की सड़कों पर बालक को ढ़ूंढ़ने का प्रयास किया गया। पर बालक का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को रात में ही सूचना दे दी गई।
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सीसीटीवी फुटेज में शौचालय में जाते दिखा बालक
बालक की शहर में खोजबीन के बाद अधीक्षक व कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला। इसमें रात करीब आठ बजे बालक अंतिम बार शौचालय में जाते हुए दिखाई दिया। वहां से बाहर आते वह नहीं दिखाई दिया। इससे बालक के शौचालय के रोशनदान के रास्ते भागने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि चहारदीवारी ऊंची और गली बंद होने के चलते उधर से भागना आसान नहीं है।
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बिजली कटने का फायदा उठाकर भागा बालक
बालक जिस समय अंतिम बार दिखाई दिया है। उस समय बिजली नहीं थी। शौचालय के तरफ वाली लाइट भी सही नहीं थी। कुछ कैमरे भी खराब होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। शौचालय के रोशनदान में ग्रिल भी नहीं लगे हुए थे। घटना के बाद बृहस्पतिवार को रोशनदान में लोहे के चार ग्रिल लगाए गए। सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की पड़ताल की गई।
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बालगृह में रखे जाते हैं सात जिलों के बालक व किशोर
- राजकीय बालगृह बालक चूड़ीहारी गली में स्थित है। इसमें सात जिलों के बालक व किशोरों को रखा जाता है। इसमें देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, बलिया और आजमगढ़ के अनाथ या लावारिस पाए जाने वाले बालक व किशोर होते हैं। इन्हें पुलिस व बाल कल्याण समिति के माध्यम से रखा जाता है। वर्तमान में कुल 33 बालक व किशोर यहां रखे गए हैं। इसमें एक बालक भाग गया है। इसके बाद 32 बालक व किशोर रह रहे हैं।
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एक साल पूर्व भी भागे थे तीन किशोर
- राजकीय बालगृह बालक से तीन किशोर एक साल पूर्व भी भाग गए थे। यह किशोर कमरे के रोशनदान के फाटक को हटाकर निकले थे। यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थी। इस मामले में भी सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बाद में तीनो किशोरों को शहर के देवरही मंदिर से बरामद कर लिया गया था। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली थी।
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कुशीनगर से एक बालक मई में राजकीय बालगृह में आया था। मंगलवार की वह भाग गया। इसकी प्राथमिक सूचना पुलिस को दी गई है। खोजबीन की जा रही है। कमियों को पहचान कर दुरुस्त किया जा रहा है।
- रामकृपाल, अधीक्षक राजकीय बालगृह
कुशीनगर नगर पुलिस ने 27 मई को एक लावारिस बालक को लाकर राजकीय बालगृह बालक में सौंप दिया था। इसके बाद बालगृह में बालक से उसके बारे में काउंसलर के माध्यम और अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। बालक ने अपना पता दिल्ली बताया था। इस दौरान उसने दिल्ली के दो थाना क्षेत्रों का नाम लिया था। इससे उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई थी।
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बालगृह के अधिकारी बालक के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच मंगलवार की रात करीब आठ बजे वह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भाग गया। इसकी जानकारी भोजन के बाद हुई गिनती में सामने आई। इसके बाद सुरक्षाकर्मी और स्टॉफ परिसर में चारों ओर बालक को ढूंढ़ने में जुट गए।
एक टीम को रेलवे स्टेशन और दूसरी टीम को रोडवेज बाइक से भेजा गया। दोनों जगहों पर बालक नहीं मिला। इसके बाद शहर की सड़कों पर बालक को ढ़ूंढ़ने का प्रयास किया गया। पर बालक का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को रात में ही सूचना दे दी गई।
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सीसीटीवी फुटेज में शौचालय में जाते दिखा बालक
बालक की शहर में खोजबीन के बाद अधीक्षक व कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला। इसमें रात करीब आठ बजे बालक अंतिम बार शौचालय में जाते हुए दिखाई दिया। वहां से बाहर आते वह नहीं दिखाई दिया। इससे बालक के शौचालय के रोशनदान के रास्ते भागने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि चहारदीवारी ऊंची और गली बंद होने के चलते उधर से भागना आसान नहीं है।
बिजली कटने का फायदा उठाकर भागा बालक
बालक जिस समय अंतिम बार दिखाई दिया है। उस समय बिजली नहीं थी। शौचालय के तरफ वाली लाइट भी सही नहीं थी। कुछ कैमरे भी खराब होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। शौचालय के रोशनदान में ग्रिल भी नहीं लगे हुए थे। घटना के बाद बृहस्पतिवार को रोशनदान में लोहे के चार ग्रिल लगाए गए। सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की पड़ताल की गई।
बालगृह में रखे जाते हैं सात जिलों के बालक व किशोर
- राजकीय बालगृह बालक चूड़ीहारी गली में स्थित है। इसमें सात जिलों के बालक व किशोरों को रखा जाता है। इसमें देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, बलिया और आजमगढ़ के अनाथ या लावारिस पाए जाने वाले बालक व किशोर होते हैं। इन्हें पुलिस व बाल कल्याण समिति के माध्यम से रखा जाता है। वर्तमान में कुल 33 बालक व किशोर यहां रखे गए हैं। इसमें एक बालक भाग गया है। इसके बाद 32 बालक व किशोर रह रहे हैं।
एक साल पूर्व भी भागे थे तीन किशोर
- राजकीय बालगृह बालक से तीन किशोर एक साल पूर्व भी भाग गए थे। यह किशोर कमरे के रोशनदान के फाटक को हटाकर निकले थे। यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थी। इस मामले में भी सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बाद में तीनो किशोरों को शहर के देवरही मंदिर से बरामद कर लिया गया था। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली थी।
कुशीनगर से एक बालक मई में राजकीय बालगृह में आया था। मंगलवार की वह भाग गया। इसकी प्राथमिक सूचना पुलिस को दी गई है। खोजबीन की जा रही है। कमियों को पहचान कर दुरुस्त किया जा रहा है।
- रामकृपाल, अधीक्षक राजकीय बालगृह