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Deoria News: हर घर जल का दावा खोखला 1.5 करोड़ की योजना अधर में
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहा है। क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में तीन वर्ष पहले गांव के लोगों को शुद्ध पानी की सप्लाई देने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू कराया गया।
इसमें कुछ जगहों को छोड़ दें, तो अधिकांश गांवों में ठेकेदार बोरिंग और बाउंड्री कराकर छोड़ दिया। जिसमें कई जगहों का बाउंड्री ओवरहेड टैंक बनने से पहले ही 1.41 करोड़ की योजना ध्वस्त हो गई। चकरा गोसाईं में टंकी है। यहां से बरठा बाबू, बरठी और चकरा गोसाई में सप्लाई होती है।
ग्रामीणों के मुताबिक योजना के तहत ग्राम पंचायत अनुआपार के राजस्व गांव सेमरा घुसरी, मधवापुर, कोड़रा श्रीराम, पिपरा मिश्र, इटहुआ हजाम, चकरा गाेसाई, बढ़पुरवा चयनित स्थल पर चारदीवारी और बोरिंग का काम तो कर दिया गया, लेकिन इसके बाद न तो ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ और न ही पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया। योजना की लागत 141.59 लाख रुपये बताई गई थी, जिसका बोर्ड भी मौके पर लगाया गया था। सेमरा घुसरी, मधवापुर की हालात यह है कि ओवरहेड टैंक के लिए बनी बाउंड्री पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पूरा परिसर घास-फूस से भर गया है।
इससे साफ है कि लंबे समय यहां कोई काम नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि पास के अन्य गांवों में जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकियों से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन उनके गांव में अब तक योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। लगातार बढ़ती गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल, लोग घरेलू नलों और अन्य अस्थायी साधनों से पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं, जो पर्याप्त और सुरक्षित नहीं है। अनुआपार गांव के ग्राम प्रधान बीर बहादुर कुशवाहा ने बताया कि ठेकेदार द्वारा कई बार सर्वे कराया जा चुका है और पंचायत की ओर से सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद पिछले करीब दो वर्षों में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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सलेमपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहा है। क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में तीन वर्ष पहले गांव के लोगों को शुद्ध पानी की सप्लाई देने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू कराया गया।
इसमें कुछ जगहों को छोड़ दें, तो अधिकांश गांवों में ठेकेदार बोरिंग और बाउंड्री कराकर छोड़ दिया। जिसमें कई जगहों का बाउंड्री ओवरहेड टैंक बनने से पहले ही 1.41 करोड़ की योजना ध्वस्त हो गई। चकरा गोसाईं में टंकी है। यहां से बरठा बाबू, बरठी और चकरा गोसाई में सप्लाई होती है।
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ग्रामीणों के मुताबिक योजना के तहत ग्राम पंचायत अनुआपार के राजस्व गांव सेमरा घुसरी, मधवापुर, कोड़रा श्रीराम, पिपरा मिश्र, इटहुआ हजाम, चकरा गाेसाई, बढ़पुरवा चयनित स्थल पर चारदीवारी और बोरिंग का काम तो कर दिया गया, लेकिन इसके बाद न तो ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ और न ही पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया। योजना की लागत 141.59 लाख रुपये बताई गई थी, जिसका बोर्ड भी मौके पर लगाया गया था। सेमरा घुसरी, मधवापुर की हालात यह है कि ओवरहेड टैंक के लिए बनी बाउंड्री पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पूरा परिसर घास-फूस से भर गया है।
इससे साफ है कि लंबे समय यहां कोई काम नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि पास के अन्य गांवों में जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकियों से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन उनके गांव में अब तक योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। लगातार बढ़ती गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल, लोग घरेलू नलों और अन्य अस्थायी साधनों से पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं, जो पर्याप्त और सुरक्षित नहीं है। अनुआपार गांव के ग्राम प्रधान बीर बहादुर कुशवाहा ने बताया कि ठेकेदार द्वारा कई बार सर्वे कराया जा चुका है और पंचायत की ओर से सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद पिछले करीब दो वर्षों में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

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