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Deoria News: रेलवे अंडरपास में जलभराव से 40 गांवों का आवागमन बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:58 PM IST
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सलेमपुर। देवरहा बाबा रेलवे स्टेशन और चकरा ढाला के बीच करौता गांव के सामने बने रेलवे अंडरपास में जलभराव हो गया है। इसके चलते करीब 40 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित है।
अंडरपास में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। किसानों को भी खेतों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ किसान रेलवे ट्रैक पार कर अपने खेतों तक पहुंचते हैं।
सलेमपुर-बरहज मार्ग को जोड़ने वाला यह अंडरपास क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। करौता, पिपरा रामधर, धरमनपुर, परसिया तारा, कैलानी, बरठा, माथापार, इटहुआ चंदौली, चेरो, जोगापुर, गहिला, कहांव, गौरी, बरठी समेत लगभग 40 गांवों के लोगों का रोजाना इस मार्ग से आना-जाना रहता है।
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अंडरपास में जलभराव होने से लोगों को मजबूरन चकरा ढाला होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर उनके खेत और खलिहान हैं। अंडरपास में पानी भर जाने से खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को कृषि उपकरण, खाद-बीज और फसल की ढुलाई में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है।
किसान धनंजय चतुर्वेदी, प्रवीण कुमार सिंह, दिलीप सिंह, रामनगीना सिंह, हरेंद्र सिंह, धीरू सिंह, नंदलाल चौहान, नथुनी कुशवाहा, सुदामा चौहान, सफीक अंसारी और जयनाथ यादव ने बताया कि अंडरपास में जलभराव की समस्या हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होती है।
अंडरपास में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। किसानों को भी खेतों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ किसान रेलवे ट्रैक पार कर अपने खेतों तक पहुंचते हैं।
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सलेमपुर-बरहज मार्ग को जोड़ने वाला यह अंडरपास क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। करौता, पिपरा रामधर, धरमनपुर, परसिया तारा, कैलानी, बरठा, माथापार, इटहुआ चंदौली, चेरो, जोगापुर, गहिला, कहांव, गौरी, बरठी समेत लगभग 40 गांवों के लोगों का रोजाना इस मार्ग से आना-जाना रहता है।
अंडरपास में जलभराव होने से लोगों को मजबूरन चकरा ढाला होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर उनके खेत और खलिहान हैं। अंडरपास में पानी भर जाने से खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को कृषि उपकरण, खाद-बीज और फसल की ढुलाई में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है।
किसान धनंजय चतुर्वेदी, प्रवीण कुमार सिंह, दिलीप सिंह, रामनगीना सिंह, हरेंद्र सिंह, धीरू सिंह, नंदलाल चौहान, नथुनी कुशवाहा, सुदामा चौहान, सफीक अंसारी और जयनाथ यादव ने बताया कि अंडरपास में जलभराव की समस्या हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होती है।