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Deoria News: बिजली का संकट गहराया, नगर से गांव तक हाहाकार
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:02 AM IST
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बैतालपुर। भीषण गर्मी और उमस के बीच नगर पंचायत क्षेत्र तथा ग्रामीण इलाकों में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगर क्षेत्र में रोजाना 8 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहती है तो देहात क्षेत्र में कटौती 12 से 14 घंटे हो रही है। इससे हाहाकार मचा है। लोगों में बिजली निगम के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बैतालपुर नगर पंचायत क्षेत्र के लिए अलग फीडर लगाने के पीछे मंशा यह थी कि कस्बे के लोगों को निर्बाध और बेहतर बिजली मिल सके, लेकिन मौजूदा स्थिति बदहाल है। दिन हो या रात, किसी भी समय बिजली चली जा रही है। लंबे-लंबे कट के कारण घरों में लगे पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण बेकार हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है।
नेरुई अमवा, बैतालपुर देहात व बरपार फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की हालत तो और भी बदतर है। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। कई गांवों में दिन-रात मिलाकर 12 से 14 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ छोटे व्यापार, खेती-किसानी और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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व्यापारी अशोक श्रीवास्तव, संतोष बरनवाल, सुनील बरनवाल व हरीशचंद गुप्ता आदि का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से छोटे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। दुकानदारी प्रभावित हो रही।
छात्र चिराग रंजन, पवन यादव, श्रीराम जायसवाल व कार्तिकेय का कहना है कि बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। रात में घंटों बिजली गायब रहने से पढ़ाई नहीं हो पाती, गर्मी में बैठना मुश्किल हो जाता है और परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।
एसडीओ राहुल कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी मेें बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव है। कुछ स्थानों पर फाॅल्ट होने के कारण और रोस्टिंग के चलते कटौती की स्थिति बन रही है। कोशिश की जा रही है कि बैतालपुर नगर पंचायत फीडर के साथ-साथ बैतालपुर, बरपार और नेरुई अमवा फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिल सके। जहां भी खराबी की सूचना मिल रही है, उसे ठीक कराया जा रहा है।
बैतालपुर नगर पंचायत क्षेत्र के लिए अलग फीडर लगाने के पीछे मंशा यह थी कि कस्बे के लोगों को निर्बाध और बेहतर बिजली मिल सके, लेकिन मौजूदा स्थिति बदहाल है। दिन हो या रात, किसी भी समय बिजली चली जा रही है। लंबे-लंबे कट के कारण घरों में लगे पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण बेकार हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है।
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नेरुई अमवा, बैतालपुर देहात व बरपार फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की हालत तो और भी बदतर है। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। कई गांवों में दिन-रात मिलाकर 12 से 14 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ छोटे व्यापार, खेती-किसानी और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
व्यापारी अशोक श्रीवास्तव, संतोष बरनवाल, सुनील बरनवाल व हरीशचंद गुप्ता आदि का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से छोटे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। दुकानदारी प्रभावित हो रही।
छात्र चिराग रंजन, पवन यादव, श्रीराम जायसवाल व कार्तिकेय का कहना है कि बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। रात में घंटों बिजली गायब रहने से पढ़ाई नहीं हो पाती, गर्मी में बैठना मुश्किल हो जाता है और परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।
एसडीओ राहुल कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी मेें बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव है। कुछ स्थानों पर फाॅल्ट होने के कारण और रोस्टिंग के चलते कटौती की स्थिति बन रही है। कोशिश की जा रही है कि बैतालपुर नगर पंचायत फीडर के साथ-साथ बैतालपुर, बरपार और नेरुई अमवा फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिल सके। जहां भी खराबी की सूचना मिल रही है, उसे ठीक कराया जा रहा है।