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Etah News: गर्मी और धूल से बच्चों की आंखों में हो रहा वीकेसी संक्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:58 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
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एटा। गर्मी और धूल की वजह से बच्चों की आंखों वीकेसी (वर्नल केराटोकोंजंक्टिवाइटिस) संक्रमण की चपेट में आ रही हैं। इसकी वजह से बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है। उन्हें मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में उपचार दिया जा रहा है। अन्य लोगों को धूल से संक्रमण की दिक्कत हो रही है। बुधवार को नेत्र विभाग में 200 मरीजों को उपचार दिया गया।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और दर्द के अलावा संक्रमण जैसी शिकायतों के साथ मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और विशेष रूप से खुले में काम करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिओम गुप्ता ने बताया कि गर्मी में सड़कों पर उड़ती धूल आंखों में जाने से ज्यादातर बच्चे वीकेसी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। बताया कि रोजाना 15 बच्चे वीकेसी संक्रमण से पीड़ित आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण से आंखों में तेज खुजली, लालिमा और दर्द होता है। साथ ही इस बीमारी से अन्य बच्चों को भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया इसके अलावा आंखों के अन्य रोगों के पीड़ितों का भी इलाज किया जा रहा है।
वीकेसी संक्रमण के प्रमुख लक्षण
- दोनों आंखों में असहनीय खुजली और लालिमा होना।
- सुबह उठने पर आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलना।
- आंखों में किरकिराहट और भारीपन लगना।
इन बातों का रखें ध्यान
- धूप में निकलते समय काले चश्मे का प्रयोग करें।
- आंखों को ठंडे और साफ पानी से समय-समय पर धोना।
- आंखों में खुजली होने पर उसे रगड़ें नहीं।
गंभीर मरीजों को समय से उपचार के लिए ट्राॅमा सेंटर की मांग तेज
एटा। जिले में ट्राॅमा सेंटर नहीं होने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अलीगढ़ मंडल के आयुक्त को पत्र लिखकर जिले में ट्राॅमा सेंटर की स्थापना की मांग की है।
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सीएमओ ने पत्राचार करते हुए बताया कि वर्तमान में एटा में किसी भी स्तर पर ट्राॅमा सेंटर संचालित नहीं है। सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट या अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा या अलीगढ़ रेफर करना पड़ता है। कई बार उपचार मिलने में देरी हो जाती है, जिससे मरीज की स्थिति और गंभीर हो जाती है। सीएमओ ने आयुक्त से ट्राॅमा सेंटर के लिए आवश्यक भवन, चिकित्सा उपकरण, मानव संसाधन तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। ट्राॅमा सेंटर की स्थापना के लिए मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और दर्द के अलावा संक्रमण जैसी शिकायतों के साथ मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और विशेष रूप से खुले में काम करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिओम गुप्ता ने बताया कि गर्मी में सड़कों पर उड़ती धूल आंखों में जाने से ज्यादातर बच्चे वीकेसी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। बताया कि रोजाना 15 बच्चे वीकेसी संक्रमण से पीड़ित आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण से आंखों में तेज खुजली, लालिमा और दर्द होता है। साथ ही इस बीमारी से अन्य बच्चों को भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया इसके अलावा आंखों के अन्य रोगों के पीड़ितों का भी इलाज किया जा रहा है।
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वीकेसी संक्रमण के प्रमुख लक्षण
- दोनों आंखों में असहनीय खुजली और लालिमा होना।
- सुबह उठने पर आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलना।
- आंखों में किरकिराहट और भारीपन लगना।
इन बातों का रखें ध्यान
- धूप में निकलते समय काले चश्मे का प्रयोग करें।
- आंखों को ठंडे और साफ पानी से समय-समय पर धोना।
- आंखों में खुजली होने पर उसे रगड़ें नहीं।
गंभीर मरीजों को समय से उपचार के लिए ट्राॅमा सेंटर की मांग तेज
एटा। जिले में ट्राॅमा सेंटर नहीं होने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अलीगढ़ मंडल के आयुक्त को पत्र लिखकर जिले में ट्राॅमा सेंटर की स्थापना की मांग की है।
सीएमओ ने पत्राचार करते हुए बताया कि वर्तमान में एटा में किसी भी स्तर पर ट्राॅमा सेंटर संचालित नहीं है। सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट या अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा या अलीगढ़ रेफर करना पड़ता है। कई बार उपचार मिलने में देरी हो जाती है, जिससे मरीज की स्थिति और गंभीर हो जाती है। सीएमओ ने आयुक्त से ट्राॅमा सेंटर के लिए आवश्यक भवन, चिकित्सा उपकरण, मानव संसाधन तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। ट्राॅमा सेंटर की स्थापना के लिए मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है।