{"_id":"6a74d2af2769f3ee03022831","slug":"electricity-department-under-fire-over-childs-death-probe-intensifies-following-report-against-officials-and-staff-etah-news-c-163-1-eta1014-154622-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: मासूम की मौत पर बिजली विभाग घिरा, अधिकारियों-कर्मचारियों पर रिपोर्ट के बाद जांच तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: मासूम की मौत पर बिजली विभाग घिरा, अधिकारियों-कर्मचारियों पर रिपोर्ट के बाद जांच तेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एटा। ट्रॉली पर रखे अस्थायी (मोबाइल) ट्रांसफॉर्मर की चपेट में आने से मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत के मामले में अब बिजली विभाग की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक बालक के पिता की तहरीर पर विद्युत निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना तेज कर दी है। घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में विभागीय लापरवाही के प्रति आक्रोश है।
शहर के मोहल्ला राधा विहार निवासी पीड़ित पिता राजीव का आरोप है कि उनके इलाके में खराब पड़े मुख्य ट्रांसफॉर्मर के स्थान पर पिछले कई महीनों से ट्रॉली पर मोबाइल ट्रांसफॉर्मर रखकर काम चलाया जा रहा था और बिजली आपूर्ति की जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस खतरनाक और असुरक्षित व्यवस्था को हटाने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग की इसी घोर लापरवाही के कारण उनके मासूम बेटे की जान चली गई। पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीओ सिटी कीर्तिका सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
20 मिनट बाद कटी बिजली, लोगों में गुस्सा
मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद विद्युत निगम को फोन कर बिजली आपूर्ति बंद करने की सूचना दी गई थी। इसके बावजूद लगभग 20 मिनट बाद लाइन की सप्लाई काटी गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हादसे के फौरन बाद बिजली काट दी जाती, तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
विज्ञापन