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Etah News: मटर के भाव में गिरावट आने पर किसानों के चेहरे मुरझाए, भूसे से कम कीमत पर बिक रही
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 25 Jan 2026 11:44 PM IST
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कस्बा मिरहची में खेतों से ट्रैक्टर में मटर लादकर मंडी ले जाते किसान। संवाद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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मिरहची(एटा)। मटर के भाव में गिरावट आने पर क्षेत्र के किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। मंडी में मटर का भाव भूसे से भी कम होने पर किसान परेशान हैं। मोहनपुरा मटर मंडी से दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों को मटर की सप्लाई होती है।
मारहरा मटर उत्पादन का बड़ा केंद्र है। कई सालों से हर बार मटर का रकबा बढ़ता जा रहा है। पिछले वर्ष मुनाफा होने पर इस बार रकबा और बढ़ गया। शुरुआत में मटर का भाव 30-40 रुपये प्रति किलो मिलने पर किसानों के चेहरे खिले हुए थे। अच्छा मुनाफा होने की आस थी। दस दिन से रोजाना भाव में गिरावट होने पर किसान परेशान हैं। तीन-चार दिन से मटर का भाव मोहनपुरा मंडी में 10-12 रुपये प्रति किलो था। रविवार को घटकर सात रुपये आने पर किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं।
तोड़े जाने के तुरंत बाद मंडी पहुंचाई जाती है मटर
कासगंज-मथुरा हाईवे पर मोहनपुरा में मटर की मंडी कई दशक पुरानी है। क्षेत्र में मंडी होने पर सिकंदराराऊ से लेकर मारहरा, मिरहची, मरथरा क्षेत्र के किसान धीरे-धीरे मटर की फसल से जुड़ते गए। मटर तोड़े जाने के बाद तुरंत मंडी पहुंचाई जाती है। रोकने पर यह खराब हो जाती है। किसानों ने बताया कि इन दिनों मंडी में रोजाना 1500 मीट्रिक टन मटर पहुंच रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक पैदावार होना भी भाव में गिरावट माना जा रहा है।
मटर के भाव में रोजाना गिरावट होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रविवार को सात रुपये प्रति किलो दाम मिला है, इससे फसल की लागत भी नहीं निकल रही है। -कमलेश कुमार, श्यामपुर।
बाजार में भूसे का दाम 12 रुपये किला है। मटर का दाम घटकर सात रुपये रह गया है। 10-12 रुपये तक दाम रहने पर गनीमत थी। कम दाम मिलने पर किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
आलेश कुमार, श्यामपुर।
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मारहरा मटर उत्पादन का बड़ा केंद्र है। कई सालों से हर बार मटर का रकबा बढ़ता जा रहा है। पिछले वर्ष मुनाफा होने पर इस बार रकबा और बढ़ गया। शुरुआत में मटर का भाव 30-40 रुपये प्रति किलो मिलने पर किसानों के चेहरे खिले हुए थे। अच्छा मुनाफा होने की आस थी। दस दिन से रोजाना भाव में गिरावट होने पर किसान परेशान हैं। तीन-चार दिन से मटर का भाव मोहनपुरा मंडी में 10-12 रुपये प्रति किलो था। रविवार को घटकर सात रुपये आने पर किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं।
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तोड़े जाने के तुरंत बाद मंडी पहुंचाई जाती है मटर
कासगंज-मथुरा हाईवे पर मोहनपुरा में मटर की मंडी कई दशक पुरानी है। क्षेत्र में मंडी होने पर सिकंदराराऊ से लेकर मारहरा, मिरहची, मरथरा क्षेत्र के किसान धीरे-धीरे मटर की फसल से जुड़ते गए। मटर तोड़े जाने के बाद तुरंत मंडी पहुंचाई जाती है। रोकने पर यह खराब हो जाती है। किसानों ने बताया कि इन दिनों मंडी में रोजाना 1500 मीट्रिक टन मटर पहुंच रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक पैदावार होना भी भाव में गिरावट माना जा रहा है।
मटर के भाव में रोजाना गिरावट होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रविवार को सात रुपये प्रति किलो दाम मिला है, इससे फसल की लागत भी नहीं निकल रही है। -कमलेश कुमार, श्यामपुर।
बाजार में भूसे का दाम 12 रुपये किला है। मटर का दाम घटकर सात रुपये रह गया है। 10-12 रुपये तक दाम रहने पर गनीमत थी। कम दाम मिलने पर किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
आलेश कुमार, श्यामपुर।

कस्बा मिरहची में खेतों से ट्रैक्टर में मटर लादकर मंडी ले जाते किसान। संवाद- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
