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Etah News: दुकानें पीछे, अतिक्रमण आगे
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:22 PM IST
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शहर के जीटी रोड स्थित सागर कॉप्लेक्स के बाहर किया गया अतिक्रमण। संवाद
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एटा। शहर को जाम व अतिक्रमण की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर पालिका की ओर से चलाया गया अतिक्रमण विरोधी अभियान महज 15 दिनों में ही बेअसर हो गया है। अभियान के दौरान प्रशासन व पालिका ने मुनादी कराकर दुकानदारों व व्यापारियों को पहले ही चेतावनी दी थी। इसके बाद मुख्य बाजारों व जीटी रोड पर कार्रवाई भी की गई लेकिन हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। सड़कों और फुटपाथों पर दुकानों का सामान और बोर्ड लगाने से यातायात बाधित हो रहा है। लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण और उससे उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या को देखते हुए व्यापक अभियान की घोषणा की थी। अभियान से पहले कई दिनों तक मुनादी कराकर व्यापारियों और दुकानदारों को दुकान के बाहर रखा सामान हटाने व निर्धारित सीमा में ही व्यापार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटा तो प्रशासन और पालिका की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू की।
अभियान के दौरान जीटी रोड, बस स्टैंड, घंटाघर, गांधी मार्केट सहित शहर के प्रमुख बाजारों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान कई दुकानदारों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। टीम ने कई दुकानों के चालान किए, जबकि कुछ व्यापारियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा था कि दोबारा अतिक्रमण मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभियान की रफ्तार धीमी पड़ते ही अतिक्रमणकारियों ने फिर से सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। बाजारों में दुकान के बाहर सामान सजने लगा और जीटी रोड पर भी अतिक्रमण की स्थिति पहले जैसी दिखाई देने लगी है। इससे बाजारों में पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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स्थानीय लोगों राकेश कुमार, सुरेश कुमार, प्रवीन राघव, देवेंद्र कुमार, अल्का देवी का कहना है कि यदि अभियान को लगातार और प्रभावी ढंग से नहीं चलाया जाता रहे तो अतिक्रमण की समस्या का स्थाई समाधान संभव नहीं है। कहा कि कुछ दिन कार्रवाई करने के बाद पालिका और प्रशासन की सक्रियता कम हो जाती है जिसका फायदा उठाकर अतिक्रमणकारी फिर से कब्जा कर लेते हैं।
शहरवासियों का मानना है कि केवल चेतावनी और चालान से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि नियमित निगरानी और लगातार कार्रवाई की आवश्यकता है। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण मुक्त शहर के लिए अभियान को निरंतर चलाने की मांग की है जिससे जाम और संकरे रास्तों की समस्या से स्थाई राहत मिल सके।
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अतिक्रमण अभियान में पालिका ने वसूले 15 हजार रुपये
पूर्व में चलाया गए अतिक्रमण अभियान के तहत पालिका ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार गौरव ने बताया कि अतिक्रमण की 20 से अधिक दुकानदारों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया है। उनके ओर से पुन: अतिक्रमण पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
लगातार अतिक्रमण अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियाें पर कार्रवाई जारी है। शहर में अगर पुन: अतिक्रमण पाया गया तो सामान जब्त कर लिया जाएगा। जल्द अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार गौरव, राजस्व निरीक्षक
नगर पालिका ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण और उससे उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या को देखते हुए व्यापक अभियान की घोषणा की थी। अभियान से पहले कई दिनों तक मुनादी कराकर व्यापारियों और दुकानदारों को दुकान के बाहर रखा सामान हटाने व निर्धारित सीमा में ही व्यापार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटा तो प्रशासन और पालिका की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू की।
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अभियान के दौरान जीटी रोड, बस स्टैंड, घंटाघर, गांधी मार्केट सहित शहर के प्रमुख बाजारों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान कई दुकानदारों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। टीम ने कई दुकानों के चालान किए, जबकि कुछ व्यापारियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा था कि दोबारा अतिक्रमण मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभियान की रफ्तार धीमी पड़ते ही अतिक्रमणकारियों ने फिर से सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। बाजारों में दुकान के बाहर सामान सजने लगा और जीटी रोड पर भी अतिक्रमण की स्थिति पहले जैसी दिखाई देने लगी है। इससे बाजारों में पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों राकेश कुमार, सुरेश कुमार, प्रवीन राघव, देवेंद्र कुमार, अल्का देवी का कहना है कि यदि अभियान को लगातार और प्रभावी ढंग से नहीं चलाया जाता रहे तो अतिक्रमण की समस्या का स्थाई समाधान संभव नहीं है। कहा कि कुछ दिन कार्रवाई करने के बाद पालिका और प्रशासन की सक्रियता कम हो जाती है जिसका फायदा उठाकर अतिक्रमणकारी फिर से कब्जा कर लेते हैं।
शहरवासियों का मानना है कि केवल चेतावनी और चालान से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि नियमित निगरानी और लगातार कार्रवाई की आवश्यकता है। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण मुक्त शहर के लिए अभियान को निरंतर चलाने की मांग की है जिससे जाम और संकरे रास्तों की समस्या से स्थाई राहत मिल सके।
अतिक्रमण अभियान में पालिका ने वसूले 15 हजार रुपये
पूर्व में चलाया गए अतिक्रमण अभियान के तहत पालिका ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार गौरव ने बताया कि अतिक्रमण की 20 से अधिक दुकानदारों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया है। उनके ओर से पुन: अतिक्रमण पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
लगातार अतिक्रमण अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियाें पर कार्रवाई जारी है। शहर में अगर पुन: अतिक्रमण पाया गया तो सामान जब्त कर लिया जाएगा। जल्द अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार गौरव, राजस्व निरीक्षक