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UP: तालाब की जमीन से हटे मंदिर, मस्जिद और मजार, बुलडोजर एक्शन के बीच छावनी बना गांव
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 17 Jun 2026 09:00 AM IST
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सार
आगरा के अंगूठी गांव में एनजीटी और तहसील न्यायालय के आदेश पर तालाब की भूमि से मंदिर, मस्जिद और मजार सहित धार्मिक ढांचों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही तथा प्रशासन ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने का दावा किया।
बुलडोजर चला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा की तहसील सदर के गांव अंगूठी में तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार धार्मिक ढांचों को बुधवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुपालन में हुई इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे।
प्रशासन ने सुबह करीब नौ बजे अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया था।
मौके पर एडीसीपी हिमांशु गौरव, एसीपी इमरान अहमद, एसीपी रामप्रवेश गुप्ता समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गांव और आसपास के क्षेत्र में पैदल गश्त भी की। गांव के भीतर तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
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तहसील प्रशासन के अनुसार तालाब की भूमि पर अतिक्रमण का मामला राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की मुख्य पीठ, दिल्ली में विचाराधीन था। एनजीटी के आदेश के अनुपालन में तहसीलदार न्यायालय ने नौ जून को बेदखली आदेश पारित किया था। इसी आदेश के आधार पर बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उप जिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत ने बताया कि न्यायालय के आदेश और एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
प्रशासन ने सुबह करीब नौ बजे अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया था।
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मौके पर एडीसीपी हिमांशु गौरव, एसीपी इमरान अहमद, एसीपी रामप्रवेश गुप्ता समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गांव और आसपास के क्षेत्र में पैदल गश्त भी की। गांव के भीतर तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
तहसील प्रशासन के अनुसार तालाब की भूमि पर अतिक्रमण का मामला राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की मुख्य पीठ, दिल्ली में विचाराधीन था। एनजीटी के आदेश के अनुपालन में तहसीलदार न्यायालय ने नौ जून को बेदखली आदेश पारित किया था। इसी आदेश के आधार पर बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उप जिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत ने बताया कि न्यायालय के आदेश और एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।