{"_id":"6a2d9128aa7302a5c20da3b0","slug":"electricity-and-water-connections-to-be-cut-if-environmental-norms-are-violated-dm-etawah-news-c-216-1-etw1004-144321-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण नियम तोड़े तो कटेगा बिजली-पानी कनेक्शन: डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण नियम तोड़े तो कटेगा बिजली-पानी कनेक्शन: डीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
इटावा। जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन न करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बल्क वेस्ट जनरेटर्स और अन्य संस्थानों की बिजली और जलापूर्ति भी बंद की जा सकती है। करनपुरा और मौजा उमरैन के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद मिलने पर नाराजगी जताई।
करोड़ों रुपये खर्च होने पर भी अशुद्ध जल नदियों में प्रवाहित होना गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों को अगले दो माह तक प्रतिदिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालन की तस्वीर और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्यों में तेजी लाने और नदी क्षेत्र का सीमांकन कर चौड़ीकरण कराने के निर्देश दिए गए। उदी और चकरनगर में जैव चिकित्सा अपशिष्ट जलाने तथा दीप किरण अस्पताल के सामने इसके बिखरे मिलने को गंभीर मानते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्यशाला आयोजित करने को कहा गया। कामेत, जसवंतनगर और भरथना के बंद सामग्री एमआरएफ केंद्र को तत्काल संचालित कराने के निर्देश दिए गए। नुमाइश मैदान सहित अन्य स्थानों पर कचरा मिलने पर नियमित सफाई अभियान चलाने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन अनिवार्य है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से नदियों में प्रदूषण बढ़ रहा है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में वृहद वन महोत्सव आयोजित होगा। सभी विभागों को पौधरोपण के लक्ष्य आवंटित कर पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। जैव चिकित्सा अपशिष्ट और सामान्य कचरा प्रबंधन में सुधार पर जोर दिया गया। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
करोड़ों रुपये खर्च होने पर भी अशुद्ध जल नदियों में प्रवाहित होना गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों को अगले दो माह तक प्रतिदिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालन की तस्वीर और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्यों में तेजी लाने और नदी क्षेत्र का सीमांकन कर चौड़ीकरण कराने के निर्देश दिए गए। उदी और चकरनगर में जैव चिकित्सा अपशिष्ट जलाने तथा दीप किरण अस्पताल के सामने इसके बिखरे मिलने को गंभीर मानते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्यशाला आयोजित करने को कहा गया। कामेत, जसवंतनगर और भरथना के बंद सामग्री एमआरएफ केंद्र को तत्काल संचालित कराने के निर्देश दिए गए। नुमाइश मैदान सहित अन्य स्थानों पर कचरा मिलने पर नियमित सफाई अभियान चलाने को कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन अनिवार्य है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से नदियों में प्रदूषण बढ़ रहा है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में वृहद वन महोत्सव आयोजित होगा। सभी विभागों को पौधरोपण के लक्ष्य आवंटित कर पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। जैव चिकित्सा अपशिष्ट और सामान्य कचरा प्रबंधन में सुधार पर जोर दिया गया। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।