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Etawah News: चहेतों के घर में खुलवा दिए थे आरोग्य मंदिर

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 10:59 PM IST
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Had 'Aarogya Mandirs' opened in the homes of close associates.
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इटावा। कानपुर विजिलेंस टीम ने बुधवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव को 55 हजार की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े पुराने मामले खुलने लगे हैं। डिप्टी सीएमओ ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आरोग्य मंदिर) खोलने के मामले में अपने पद का दुरुप्रयोग करते हुए सेंटर स्वयं के निजी भवन समेत परिचितों व कर्मियों के घरों में खोल दिए थे। लोक उपायुक्त से लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद 18 लोगों के खिलाफ वाद दायर किया गया। जांच में सहयोग न करने पर लोक उपायुक्त की टीम तीन माह पहले एनयूएचएम (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ पकड़ने आई थी लेकिन जानकारी होने पर यह दफ्तर से गायब हो गए थे।

थाना फ्रेंडस कॉलोनी के विजय नगर चौराहा निवासी प्रमोद गुप्ता ने 15 अप्रैल 2024 को उप लोकायुक्त से प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने पूर्व सीएमओ डॉ. गीताराम, एनयूएचएम (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव, डिप्टी सीएओ जितेंद्र राजपूत, लिपिक हरीश कुमार, संदीप पाल समेत 18 लोगों पर शहर में खोले गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हुई गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया कि इन सेंटराें को खोलने में मानकों की अनदेखी की गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अपने चहेतों व परिचितों के घरों व गैराज में इन सेंटरों को खोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सेंटरों के नाम पर हर माह 45 हजार से अधिक किराए का भुगतान हो रहा है जो मानकों की अनदेखी है। उन्होंने इसकी प्रतिलिपि पीएमओ कार्यालय, सीएम कार्यालय, डीजी हेल्थ, एडीजी हेल्थ, डीएम इटावा समेत अन्य अफसरों को की थी। इसकी शिकायत पर हुई जांच में यह मामला सही पाया गया था। प्रमोद गुप्ता ने बताया कि पूर्व सीएमओ को जिले से स्थानांतरण हो जाने के बाद लोक उपायुक्त की टीम ने एनयूएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. श्रीनिवास को जांच में सहयोग करने की बात कही। इसके लिए उन्हें कई बार कार्यालय बुलाया गया लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसके बाद विलिलेंस टीम तीन माह पहले लोक उपायुक्त की टीम जिले में आई थी लेकिन इसकी भनक लगते ही डिप्टी सीएमओ कार्यालय छोड़कर खिसक गए थे। अन्य आरोपियों के पते ही जानकारी न होने पर टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा था।
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प्रमोद गुप्ता ने 18 लोगों के खिलाफ लोक उपायुक्त में शिकायत की थी। इसमें पूर्व सीएमओ डॉ. गीताराम, एसीएमओ बीएल संजय, डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव, डिप्टी सीएमओ जितेंद्र राजपूत, लिपिक हरीश कुमार, संदीप पाल के अलावा रामनगर निवासी जितेंद्र प्रताप सिंह, नारायण नगर निवासी मंजू देवी, श्यामनगर निवासी मंजू देवी, गंगाबिहार निवासी सुनीता यादव, कबीरनगर-अकालगंज निवासी अरविंद कुमार, मडैया ख्यालीराम निवासी रामदेवी, घटिया अजमतअली निवासी सरला देवी, पक्का बाग निवासी अमित कुमार, करमगंज निवासी स्नेहलता, कचौरा रोड स्थित दुर्गा कॉलोनी निवासी मंजू देवी, भरथना निवासी विजय गुप्ता, जसवंतनगर के कोठी केस्त निवासी अर्चना रानी के खिलाफ वाद दायर किया गया था। इसमें प्रमोद गुप्ता के कोर्ट में बयान हो चुके हैं जबकि आरोपी पक्ष कोर्ट में प्रस्तुत न होने से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि शिकायत में यह मामला सही जाने पर सभी को पदों से हटा दिया गया था।
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शिकायतकर्ता प्रमोद गुप्ता ने बतया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने में गड़बड़ी व मानकों की अनदेखी की शिकायत हुई। इसमें पूर्व सीएमओ डॉ. गीताराम को पद से हटा दिया गया। वहीं, एसीएमओ डॉ. बीएल संजय को पद से हटाकर उनका डिमोशन कर दिया गया था। बीएल संजय पर आरोप था कि उन्होंने साले के नाम सेंटर खुलवा दिया था।
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