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Etawah News: चाहती हूं सम्मान कुछ और मांगूंगी नहीं...
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फोटो: 14 कविता पाठ करते कवि
फोटो: 15 कवि सम्मेलन सुनते श्रोता
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाओं से गुदगुदाया
संवाद न्यूज एजेंसी
भरथना। सद्भावना साहित्य परिषद के तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन जय वाटिका में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री डॉ. मंजू मृदुल ने सरस्वती वंदना के साथ किया।
बकेवर की कवयित्री डॉ मंजू मृदुल ने चाहती हूं सम्मान कुछ और मांगूंगी नहीं, राह से कर्तव्य के मैं दूर भागूंगी नहीं सुनाकर वाहवाही बटोरी। रजस्थान ब्रजनगर के कवि हरीश चंद्र हरि ने फूली-फूली डोले फूली-फूली मन में, कितनों स्नेह भरै कूट-कूट तन में सुनाया। आगरा के कवि संजय कुमार ने बेटियां उगता सूरज है, तो चांद वाला ग्रहण क्यों लगता है। कानपुर के डॉ एसके श्याम ने होना था उद्घाटन सड़क का पर हो गया खाज में कोढ़ कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
दिबियापुर के कवि सुरेश चंद्र दुबे ने तुम सुंदर सोन चिरैया, मैं करूं तन मन काला कविता सुनाई। झांसी के व्यंग्यकार हरनाथ सिंह चौहान ने वे बोली इतिहास यहां पर मैं भी गढ़ सकती हूं, नारी अस्मिता के दुश्मन की छाती पै चढ़ सकती हूं सुनाई।
हरियाणा फरीदाबाद के कवि धर्मेश अविचल ने हर दिल झूम रहा है अब तो, यही तराना गाता सुनाया। कानपुर के कवि कुमार सूरज ने प्यार करना तो ये सोचकर तुम करो, इस मोहब्बत में मारे जाएंगे सभी सुनाकर तालियां बटोरीं। इसके अलावा कवि महेश मंगल ने मैं किसी सांप सपोलों से नहीं डरता हूं, मार दे जहर को तासीर मेरे अंदर है, इसलिए कर रहे सांप मनमानियां, पिटारी है पर सपेरा नहीं सुनाई। डॉ. धर्मेश बाराबंकी, बद्री प्रसाद द्विवेदी हमीरपुर आदि ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन मैनपुरी के कवि उपेंद्र कुमार भोला ने किया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता,विशिष्ट अतिथि पूर्व चेयरमैन मनोज कुमार पोरवाल, कृष्ण मुरारी गुप्ता की उपस्थिति में कवि मंगल सिंह की पुस्तक पथरीले पथ व मंगल सप्तसती का विमोचन किया गया। इस दौरान साहित्य परिषद के संस्थापक अरविंद पोरवाल, संरक्षक रामशंकर वर्मा, रामपाल सिंह राठौर, रघुराज सिंह कुशवाह, अध्यक्ष रामनरेश पोरवाल, सचिव अनिल कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष विनय कुमार पोरवाल, वीरेंद्र सिंह चौहान, उमाशंकर तिवारी, श्रीकृष्ण पोरवाल, शिवकुमार सक्सेना, महेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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फोटो: 15 कवि सम्मेलन सुनते श्रोता
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाओं से गुदगुदाया
संवाद न्यूज एजेंसी
भरथना। सद्भावना साहित्य परिषद के तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन जय वाटिका में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री डॉ. मंजू मृदुल ने सरस्वती वंदना के साथ किया।
बकेवर की कवयित्री डॉ मंजू मृदुल ने चाहती हूं सम्मान कुछ और मांगूंगी नहीं, राह से कर्तव्य के मैं दूर भागूंगी नहीं सुनाकर वाहवाही बटोरी। रजस्थान ब्रजनगर के कवि हरीश चंद्र हरि ने फूली-फूली डोले फूली-फूली मन में, कितनों स्नेह भरै कूट-कूट तन में सुनाया। आगरा के कवि संजय कुमार ने बेटियां उगता सूरज है, तो चांद वाला ग्रहण क्यों लगता है। कानपुर के डॉ एसके श्याम ने होना था उद्घाटन सड़क का पर हो गया खाज में कोढ़ कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
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दिबियापुर के कवि सुरेश चंद्र दुबे ने तुम सुंदर सोन चिरैया, मैं करूं तन मन काला कविता सुनाई। झांसी के व्यंग्यकार हरनाथ सिंह चौहान ने वे बोली इतिहास यहां पर मैं भी गढ़ सकती हूं, नारी अस्मिता के दुश्मन की छाती पै चढ़ सकती हूं सुनाई।
हरियाणा फरीदाबाद के कवि धर्मेश अविचल ने हर दिल झूम रहा है अब तो, यही तराना गाता सुनाया। कानपुर के कवि कुमार सूरज ने प्यार करना तो ये सोचकर तुम करो, इस मोहब्बत में मारे जाएंगे सभी सुनाकर तालियां बटोरीं। इसके अलावा कवि महेश मंगल ने मैं किसी सांप सपोलों से नहीं डरता हूं, मार दे जहर को तासीर मेरे अंदर है, इसलिए कर रहे सांप मनमानियां, पिटारी है पर सपेरा नहीं सुनाई। डॉ. धर्मेश बाराबंकी, बद्री प्रसाद द्विवेदी हमीरपुर आदि ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन मैनपुरी के कवि उपेंद्र कुमार भोला ने किया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता,विशिष्ट अतिथि पूर्व चेयरमैन मनोज कुमार पोरवाल, कृष्ण मुरारी गुप्ता की उपस्थिति में कवि मंगल सिंह की पुस्तक पथरीले पथ व मंगल सप्तसती का विमोचन किया गया। इस दौरान साहित्य परिषद के संस्थापक अरविंद पोरवाल, संरक्षक रामशंकर वर्मा, रामपाल सिंह राठौर, रघुराज सिंह कुशवाह, अध्यक्ष रामनरेश पोरवाल, सचिव अनिल कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष विनय कुमार पोरवाल, वीरेंद्र सिंह चौहान, उमाशंकर तिवारी, श्रीकृष्ण पोरवाल, शिवकुमार सक्सेना, महेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।