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Etawah News: दो माह में लगा रहे मीटर, कॉन्फिगर करने के लिए टहला रही जीनस कंपनी
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इटावा। सोलर प्लांट लगने के बाद दो माह तक उपभोक्ता मीटर लगने का इंतजार करता है। अगर कहने सुनने के बाद मीटर लग भी जाता है तो उसे कॉफिन्गर करने के लिए एक-एक साल तक जीनस कंपनी लगा रही है। यह बात मंगलवार को बिजली निगम व नेडा अधिकारी से मिलकर वेंडर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कही। उन्होंने कहा कि जीनस कंपनी की मनमानी का खामियाजा हम वेंडरों को झेलना पड़ रहा है।
वेंडर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव यादव ने बताया कि जीनस कंपनी की मनमानी सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य ग्रहण योजना को ग्रहण लगाने का काम कर रही है। लाखों रुपये खर्च करके भी सोलर लगवाने वाला उपभोक्ता महीनों तक बिजली का बिल अदा करता रहता है। सोलर उपभोक्ताओं के गुस्से का सामना सोलर वेंडर को करना पड़ रहा है। सोलर वेंडर लगातार अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन किसी भी समस्या का अभी तक कोई भी समाधान नहीं हो पा रहा है। 31 मार्च 2027 को सब्सिडी समाप्त हो रही है। इसके चलते उपभोक्ता बड़ी संख्या में सोलर प्लांट लगवाने के लिए आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और विद्युत मीटर लगाने वाली कंपनी जीनस की मनमानी के चलते समय पर प्लांट नहीं लग पा रहे हैं। एक समय इटावा जनपद सोलर प्लांट स्थापना में नंबर वन था, लेकिन अब लगातार लापरवाही के चलते 64 नंबर पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि जनपद की सोलर स्थापना की रैंक खराब होने का मुख्य कारण समय पर उपभोक्ताओं के मीटर समय पर ना लग पाना है और मीटर लगने के बाद समय पर कॉन्फ़िगर ना होना है। सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि अगर मीटर कॉन्फ़िगर होने से पहले सोलर प्लांट चालू कर दिया जाता है तो विद्युत उपभोक्ताओं को भारी बिल अदा करना पड़ता है। अगर समय पर सोलर चालू नहीं होता है तब भी विद्युत उपभोक्ताओं को अत्यधिक यूनिट का बिल अदा करना पड़ता है।
वेंडर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव यादव ने बताया कि जीनस कंपनी की मनमानी सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य ग्रहण योजना को ग्रहण लगाने का काम कर रही है। लाखों रुपये खर्च करके भी सोलर लगवाने वाला उपभोक्ता महीनों तक बिजली का बिल अदा करता रहता है। सोलर उपभोक्ताओं के गुस्से का सामना सोलर वेंडर को करना पड़ रहा है। सोलर वेंडर लगातार अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन किसी भी समस्या का अभी तक कोई भी समाधान नहीं हो पा रहा है। 31 मार्च 2027 को सब्सिडी समाप्त हो रही है। इसके चलते उपभोक्ता बड़ी संख्या में सोलर प्लांट लगवाने के लिए आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और विद्युत मीटर लगाने वाली कंपनी जीनस की मनमानी के चलते समय पर प्लांट नहीं लग पा रहे हैं। एक समय इटावा जनपद सोलर प्लांट स्थापना में नंबर वन था, लेकिन अब लगातार लापरवाही के चलते 64 नंबर पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि जनपद की सोलर स्थापना की रैंक खराब होने का मुख्य कारण समय पर उपभोक्ताओं के मीटर समय पर ना लग पाना है और मीटर लगने के बाद समय पर कॉन्फ़िगर ना होना है। सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि अगर मीटर कॉन्फ़िगर होने से पहले सोलर प्लांट चालू कर दिया जाता है तो विद्युत उपभोक्ताओं को भारी बिल अदा करना पड़ता है। अगर समय पर सोलर चालू नहीं होता है तब भी विद्युत उपभोक्ताओं को अत्यधिक यूनिट का बिल अदा करना पड़ता है।
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